जिनेवा, 06 मई (वार्ता) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक क्रूज जहाज पर ‘हंता वायरस’ के संक्रमण से तीन मौतों और गंभीर श्वसन बीमारी के प्रकोप की पुष्टि की है।
नीदरलैंड के झंडे वाले इस जहाज पर कुल 147 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार हैं, जिनमें से अब तक सात मामले (दो पुष्ट और पांच संदिग्ध) सामने आ चुके हैं।
डब्ल्यूएचओ को इस घटना की जानकारी दो मई को ब्रिटेन के माध्यम से मिली थी। दक्षिण अफ्रीका में की गई प्रयोगशाला जांच में एक गंभीर रूप से बीमार मरीज में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। प्रभावित यात्रियों में बुखार, पेट दर्द और तेजी से निमोनिया जैसे लक्षण देखे गए हैं। जहाज ने एक अप्रैल 2026 को अर्जेंटीना के उशुआइया से अपनी यात्रा शुरू की थी और वर्तमान में यह केप वर्डे के तट पर खड़ा है।
संक्रमण के मामलों का विवरण देते हुए डब्ल्यूएचओ ने बताया कि पहला मामला छह अप्रैल को सामने आया था, जिसमें एक पुरुष यात्री की मौत हो गई। इसके बाद, उसके संपर्क में आई एक महिला की भी दक्षिण अफ्रीका में मृत्यु हो गई, जिसकी पीसीआर जांच में हंता वायरस की पुष्टि हुई है। तीसरा पुष्ट मामला एक वयस्क पुरुष का है जो वर्तमान में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती है। एक अन्य महिला की भी दो मई को निमोनिया के कारण मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, हंता वायरस मुख्य रूप से संक्रमित रोडेंट्स (चूहों आदि) के मूत्र, मल या लार के संपर्क में आने से फैलता है। यह एक दुर्लभ बीमारी है, लेकिन ‘एंडीज वायरस’ जैसे विशिष्ट हंता वायरस के मामलों में सीमित रूप से इंसानों से इंसानों में संक्रमण की रिपोर्टें भी पहले रही हैं। डब्ल्यूएचओ ने फिलहाल वैश्विक स्तर पर इसके जोखिम को ‘कम’ बताया है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के तहत केप वर्डे, नीदरलैंड, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन के अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं। यात्रियों को अपने केबिन में रहने और शारीरिक दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
डब्ल्यूएचओ ने स्पष्ट किया है कि इस घटना के आधार पर किसी भी देश पर यात्रा या व्यापार प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन यात्रियों को 45 दिनों तक लक्षणों की निगरानी करने को कहा गया है।
