जबलपुर: विजयनगर में हथियारों से लैस बदमाशों ने न सिर्फ एक युवक को घेरकर जानलेवा हमला किया, बल्कि फिल्मी अंदाज में उसका अपहरण कर लिया। चलती कार से कूदकर पीड़ित शैल्बी अस्पताल में भागा तो पीछे-पीछे हमलावर भी घुस गए और वहां भी जमकर तांडव मचाया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जीत मिश्रा समेत करीब 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आकर्ष टाउनशिप सनातन चौक, विजयनगर का रहने वाला अग्रिम मिश्रा अपनी जिम एवाल्व फिटनेस में वर्कआउट कर रहा था। इसी दौरान उसके दोस्त इहान धोंधिया का फोन आया। इहान ने अग्रिम को कुछ जरूरी काम का हवाला देकर ट्रायंगेल पार्क के पास बुलाया। दोस्त की बात पर भरोसा कर अग्रिम अपनी मोपेड उठाकर पार्क के लिए रवाना हो गया, लेकिन उसे अंदाजा भी नहीं था कि वहां मौत उसका इंतजार कर रही है। अग्रिम जैसे ही ट्रायंगेल पार्क विजयनगर पहुंचा, वहां पहले से ही घात लगाए बैठे मुख्य आरोपी जीत मिश्रा ने अपने 13 से 14 साथियों के साथ उसे चारों तरफ से घेर लिया। बदमाशों ने घेराबंदी करते हुए पहले अग्रिम के साथ अभद्रता की। इसके बाद अचानक जीत मिश्रा ने अपने पास रखी बंदूक निकाली और उसके बट से अग्रिम के मुंह पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसका मुंह पूरी तरह चोटिल हो गया।
चाकू से गोदा, बेसबॉल के डंडों से तोड़े हाथ-पैर
बंदूक के बट से हुए हमले के बाद बाकी के 13-14 बदमाश अग्रिम पर टूट पड़े। हमलावरों ने अपने पास रखे धारदार चाकू से अग्रिम के सिर और जांघ पर कई वार किए। इसके बाद भी जब उनका मन नहीं भरा, तो उन्होंने बेसबॉल के डंडों और क्रिकेट बैट से अग्रिम को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इस बर्बर हमले में अग्रिम के हाथ, पैर और पूरे शरीर में गंभीर चोटें आईं। लहूलुहान हालत में अग्रिम को तड़पता देख मुख्य आरोपी जीत मिश्रा ने चिल्लाकर अपने साथियों से कहा इसे गाड़ी में बैठाकर ले चलो। जीत के दो गुर्गे अग्रिम को जबरन घसीटते हुए एक गाड़ी में बिठाकर अहिंसा चौक की तरफ ले जाने लगे। गाड़ी जैसे ही शैल्बी अस्पताल के सामने पहुंची, अग्रिम ने हिम्मत दिखाई और चलती गाड़ी का दरवाजा खोलकर नीचे कूद गया।
अस्पताल के अंदर घुसे हमलावर, मची अफरा-तफरी
चलती गाड़ी से कूदने के बाद अग्रिम अपनी जान बचाने के लिए सीधे शैल्बी अस्पताल के परिसर के अंदर भागा। उसे भागता देख आरोपी भी गाड़ी रोककर अस्पताल के भीतर घुस गए। बदमाशों ने अस्पताल के अंदर मौजूद स्टाफ और मरीजों के सामने ही अग्रिम को दोबारा दबोच लिया और वहां भी उसके साथ जमकर मारपीट की। अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। जब अग्रिम किसी तरह बचकर अस्पताल के सुरक्षित हिस्से में छिप गया, तब जाकर आरोपी वहां से फरार हुए।
