सतना:पिछले सप्ताह हुई बारिश से शहर में हुई जल भराव की समस्या सामने आने पर महापौर द्वारा निगम प्रशासन पर सुस्त और बेपरवाह कार्यशैली अपनाने के गंभीर आरोप लगाये गए थे। जिसके बाद से नाले नालियों की सफाई ने थोड़ी गति भी पकड़ी। लेकिन शहर के 2 वार्ड में जिस तरह नालियां कचरे से पटी हुई हैं, उससे ननि के स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
यदि शहर में एक घंटे की लगातार बारिश हुई तो हालात कितने खराब हो सकते हैं इसकी बानगी कचरे से पटी नालियों के जरिए की जा सकती है। बाजार क्षेत्र सहित कई मोहल्लों और वार्डों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। खासकर शहर के वार्ड 40, व 41, वार्ड की नालियां गंदगी से पूरी तरह पटी हुई हैं। वहीं, नालियों के ऊपर किए गए अतिक्रमण के कारण उनका रखरखाव और सफाई कार्य भी प्रभावित हो रहा है, जिससे पानी का बहाव बाधित हो रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम का सफाई अमला बमुश्किल ही क्षेत्र में पहुंचता है। जब सफाई के लिए कर्मचारी आते भी हैं, तो नालियों पर अतिक्रमण का हवाला देकर औपचारिकता पूरी कर वापस लौट जाते हैं।
सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों का भी कहना है कि शहर के कई हिस्सों में नालियों के ऊपर अतिक्रमण होने से सफाई कार्य में भारी दिक्कत आती है। अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बारिश के मौसम में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
