इंदौर: मुख्यमंत्री जी के आह्वान पर प्रदेशभर में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इंदौर शहर में भूजल स्तर को बढ़ाने एवं वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण हेतु निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा मंगलवार को सिटी बस कार्यालय में शहर के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. शांता स्वामी भार्गव, एई अश्विन जनवदे, उपयंत्री रक्षिता नगायच, रोहित बोयत, प्राचार्य सुनैना शर्मा सहित शहर के विभिन्न शासकीय एवं निजी विद्यालयों के प्राचार्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
बैठक में आयुक्त श्री सिंघल ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि विद्यालय न केवल शिक्षा के केंद्र हैं, बल्कि समाज में जनजागरण एवं सकारात्मक परिवर्तन के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं. ऐसे में प्रत्येक विद्यालय परिसर में वर्षा जल संग्रहण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करना अत्यंत आवश्यक है.
आयुक्त ने सभी विद्यालयों में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, रिचार्ज शाफ्ट एवं रिचार्ज पिट के माध्यम से वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया. बैठक में विद्यालय परिसरों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा की गई. आयुक्त श्री सिंघल ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में नए भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है, वहां निर्माण गतिविधियों में उपचारित (ट्रीटेड) जल का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि पेयजल की अनावश्यक खपत को रोका जा सके. इसके साथ ही विद्यालय परिसरों में बंद पड़े अथवा अनुपयोगी बोरवेलों को रिचार्ज पिट के रूप में विकसित कर वर्षा जल को सीधे भूजल स्तर तक पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
तकनीकी अधिकारियों ने दी जानकारी
बैठक के दौरान नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों द्वारा रैन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट एवं रिचार्ज पिट की तकनीकी कार्यप्रणाली, निर्माण प्रक्रिया तथा उनके लाभों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की गई। साथ ही विद्यालयों में इन व्यवस्थाओं को शीघ्र स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया.
