
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज स्थित सेंट्रल क्लीनिकल लेबोरेटरी के एनएबीएल (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) सर्टिफिकेशन के लिए दिल्ली से आई चार सदस्यीय टीम ने गहन निरीक्षण किया। विदित हो कि मेडिकल कॉलेज के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब सेंट्रल लैब को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर परखने की प्रक्रिया शुरू हुई है। विशेषज्ञों की टीम में कोलकाता से पिनाकी सरकार, भुवनेश्वर से बिस्वजीत मोहंती, जयपुर से सुमित गुप्ता और समिता सूद शामिल रहे। इस दौरान टीम ने लैब के संचालन की बारीकियों पर ध्यान केंद्रित किया और लैब की वर्किंग को डिजीटल बनाने पर फोकस करने के साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर की सराहना की।
जानकारी के अनुसार टीम द्वारा मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल क्लीनिकल लैब में मशीनों की गुणवत्ता, सैम्पल और केमिकल्स के रखरखाव के लिए जरूरी टेम्प्रेचर मेंटेनेंस, सैम्पल कलेक्शन के बिंदुओं को ध्यान में रखकर निरीक्षण किया। इस मौके पर टीम ने बायोकेमेस्ट्री, पैथोलॉजी और माइक्रो बायोलॉजी विभाग का भी बारीकी से निरीक्षण किया। अगर लैब को एनएबीएल सर्टिफिकेशन मिलता है तो आम मरीजों को बड़ा लाभ होगा। निरीक्षण के दौरान मेडिकल डीन डॉ. नवनीत सक्सेना, लैब डायरेक्टर डॉ. जयदेव सिंह, डॉ. राजेश महोबिया, डॉ. कुमकुम, डॉ. प्रतिभा, वीरेंद्र तिवारी, गोपाल नेमा, प्रेमचंद मरावी, रिशी दुबे, अक्षय गुप्ता, योगेश भावरे, राबिया अंसारी, ब्रज किशोर, रश्मि वर्मा सहित स्टाफ मौजूद रहा।
