जबलपुर: मप्र शासन ने सभी बिजली कंपनियों में 50 हजार नए पदों की स्वीकृति दी है। जिस पर मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी. पी. पाठक ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री का स्वागत, अभिनंदन एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय निश्चित रूप से बिजली कंपनियों के लिए नए जीवन दान जैसा है। इस दौरान उन्होंने मांग की कि इस भर्ती के पहले वर्ष 2000 से 2012 के बीच विद्युत मंडल व बिजली कंपनियों के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को बिना शर्त नियमित पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। इसके साथ ही 15 वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर बिना परीक्षा नियमित व संविलयन करने तथा आउटसोर्स कर्मियों को नई भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देकर नियमित करने की मांग का पत्र मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा, ऊर्जा सचिव और सीएमडी एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी को भेजा गया।
वेतन विसंगति और स्थानांतरण की मांग
फेडरेशन ने वर्ष 2009 से 2018 के पूर्व नियुक्त सहायकों की वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे 2500 करने, वन टाइम गृह जिला स्थानांतरण नीति लागू करने, 1991 के कर्मियों हेतु उच्चतम न्यायालय का फैसला लागू करने तथा कनिष्ठ अभियंता भर्ती में उच्च शिक्षित लाइन कर्मियों को पद आरक्षित करने की मांग की। इसके अलावा 30 हजार आउटसोर्स कर्मियों हेतु अलग निगम बनाने, बिजली बिलों में 50 प्रतिशत छूट देने, समान कार्य पर पूरा वेतन देने तथा धारा 49/6 से सेवानिवृत्त कर्मियों को मुक्त कर महंगाई भत्ते व एरियर्स में भेदभाव समाप्त करने की बात कही। बैठक में संस्थापक के सिद्धांतों को याद करते हुए उमाशंकर मेहता, बी. एस. राठौर, एन. के. यादव, रामेश्वर गांगे, आर. के. कौशिक, अनसार अहमद, सूरज आर्य, गोपाल चौहान, जे. एल. जोशी, मदन वर्मा, वीरेंद्र मिश्रा, सुनील पटेल, प्रियंका यादव, कार्तिक शर्मा, पुष्पराज सिंह मिश्रा, ए. के. पांडे और डी. के. माथुर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।
