नागौद लॉज, स्टैण्डर्ड होटल और नारायणा कोचिंग सेन्टर में जड़ा ताला

जबलपुर: शहर में अग्नि सुरक्षा, भवन अनुज्ञा और लाइसेंस संबंधी नियमों की अनदेखी पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन संस्थानों को सील किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार और पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर की गई। संयुक्त दल द्वारा लार्डगंज-कछियाना स्थित नागौद लॉज, करमचंद चौक स्थित स्टैण्डर्ड होटल और राइट टाउन स्थित नारायणा कोचिंग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान इन संस्थानों में अग्निशमन व्यवस्थाओं, भवन उपयोग, आवागमन मार्ग, पार्किंग, वेंटिलेशन और लाइसेंस संबंधी गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। जन-सुरक्षा की दृष्टि से इन कमियों को गंभीर मानते हुए तत्काल सील करने की कार्रवाई की गई।
इस तरह की पाईं गईं कमियां
जानकारी के अनुसार नागौद लॉज, लार्डगंज-कछियाना में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन में आवश्यक अग्निशमन स्थापनाएँ स्थापित नहीं थीं और आवागमन के लिए केवल एक ही मार्ग उपलब्ध था। भवन विभाग की जाँच में यह तथ्य सामने आया कि भवन रहवासी प्रयोजन के लिए स्वीकृत था, जबकि उसका उपयोग व्यावसायिक प्रयोजन के लिए किया जा रहा था। मौके पर पार्किंग व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं पाई गई। बाजार एवं लाइसेंस विभाग द्वारा यह भी पाया गया कि ट्रेड लाइसेंस में स्वीकृत व्यवसाय से भिन्न व्यवसाय संचालित किया जा रहा था। वहीं करमचंद चौक स्थित स्टैण्डर्ड होटल में भी अग्नि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियाँ सामने आईं। भवन में आवश्यक अग्निशमन स्थापनाएँ उपलब्ध नहीं थीं तथा आने-जाने के मार्ग अत्यधिक संकरे पाए गए। निरीक्षण के दौरान भवन की टैरेस पर किचन संचालित पाया गया, जिसे अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से जोखिमपूर्ण माना गया। भवन विभाग द्वारा मौके पर भवन स्वामी से स्वीकृत नक्शा मांगा गया, लेकिन वह उपलब्ध नहीं कराया गया।

इसके अलावा राइट टाउन स्थित नारायणा कोचिंग में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियाँ पाई गईं। भवन में स्थापित अग्निशमन व्यवस्थाएँ क्रियाशील अवस्था में नहीं थीं और सभी आवश्यक अग्निशमन स्थापनाएँ भी उपलब्ध नहीं थीं। भवन में आवागमन के लिए केवल एक ही मार्ग था, जबकि गलियारों और आवाजाही के रास्तों की चैड़ाई भी पर्याप्त नहीं पाई गई। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि गलियारों और आवागमन मार्गों में ज्वलनशील सामग्री का उपयोग किया गया था तथा भवन में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। भवन विभाग द्वारा यह भी पाया गया कि भवन का उपयोग स्वीकृत प्रयोजन से भिन्न रूप में किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अधारताल नीलू बागरी, नगर निगम अग्निशमन अधिकारी कुशाग्र ठाकुर, सहायक अग्निशमन अधिकारी राजेन्द्र पटेल एवं निलेश पाटीदार, प्रभारी अतिक्रमण निरोधक अधिकारी कृष्णा पाल सिंह रावत तथा भवन विभाग के उपयंत्री दिग्दर्श सिंह, यशवंत सोनी और अभिषेक तिवारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक में सक्रिय रहे निगमायुक्त
निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और मानसून से पहले नागरिक सुरक्षा को पुख्ता करने समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में उनका मुख्य फोकस सीएम हैेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों का संतुष्टिपूर्वक निपटारा करने, शहर के नाला-नालियों की सघन सफाई और सबसे महत्वपूर्णकृऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों को दुरुस्त कराने पर रहा।

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