
छिंदवाड़ा। नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष की सजा सुनाया है. घटना इस प्रकार है कि 19 अगस्त 2025 को नाबालिग छात्रा और पीपलावाड़ी की उसकी सहेलियां पैदल-पैदल नवेगांव स्कूल से पढ़ाई कर घर वापस जा रही थे तभी शाम करीब 05: 30 बजे पिपलावाडी तिराहे पहुंचे तो उसकी सहेलिया पीपलावाड़ी अपने घर तरफ चली गई। नाबालिग अकेले अपने घर तरफ जाने लगी तब रास्ते में आरोपी सनोरी महुआ के पेड़ के नीचे बैठकर मोबाईल चलाता दिखाई दिया, तो पीडिता सीधे अपने घर तरफ जाने लगी कुछ दूर आगे चली थी कि आरोपी सनोरी ने पीछे से आकर अचानक उसे पकड़ लिया ने चिल्लाई तो आरोपी सनोरी ने उसका मुंह दबा दिया । पीडिता ने अपने आप को छुडाने की बहुत कोशिश की परन्तु खुद को छुड़ा नहीं पाई व आरोपी सनोरी उईके ने नाबालिग को उठाकर सड़क किनारे फल्ली के खेत में ले गया जहां आरोपी सनोरी ने उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया फिर आरोपी सनोरी वहां से चला गया। नाबालिग को चक्कर आने लगे जिस कारण वह वहीं जमीन में पड़ी रही कुछ देर बाद जब उसे होश आया तब वह धीरे-धीरे चलकर अपने घर पहुंची और घर में अपनी मम्मी को घटना के बारे में सारी बात बताई। उसके बाद अपने माता-पिता के साथ जाकर थाना नवेगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने अरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जहां अपर सत्र न्यायधीश जुन्नारदेव के अतिरिक्त अपर सत्र न्यायाधीश के द्वारा आरोपी सनोरी पिता सम्मूलाल उईके 21 वर्ष निवासी पिपलावाडी थाना नवेगांव को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (1) में 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5000 रुपये का अर्थदण्ड एवं 01 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 1000 रुपये का अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता मोहित नामदेव द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।
