वाशिंगटन, 10 जून (वार्ता) अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका समझौते की कोशिश जारी रखेगा, चाहे इस पर इजरायल का रुख कुछ भी हो।
श्री वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिये एक साक्षात्कार में कहा, “ पिछले कुछ महीनों और वास्तव में पिछले डेढ़ साल में जो कुछ हुआ है, उसके कारण वह माहौल बन गया है, जिसमें राष्ट्रपति को भरोसा है और मेरा भी मानना है कि हम ईरान के परमाणु मुद्दे का दीर्घकालिक समाधान निकाल सकते हैं।” उन्होंने कहा, “ इजरायल को यह पसंद आये या न आये, लेकिन हमारा मानना है कि यह अमेरिका के हित में है। इसलिये हम इस दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे, क्योंकि अमेरिकी जनता ने राष्ट्रपति को इसी काम के लिए चुना है और अमेरिकी लोगों की सेवा के लिए हमें यही करना होगा।”
श्री वेंस की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी है, जब अमेरिका और इजरायल के बीच मतभेद की अटकलें लगायी जा रही हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इजरायल से ईरानी मिसाइल हमलों के जवाब में जवाबी कार्रवाई नहीं करने की अपील की थी, लेकिन इजरायल ने इस आग्रह को नहीं माना। पश्चिम एशिया में रविवार को तनाव तब और बढ़ गया, जब इजरायल ने युद्धविराम के बावजूद लेबनान की राजधानी बेरूत पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने उत्तरी इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं। बाद में इजरायल ने ईरान पर कई चरणों में हवाई हमले किये, जबकि तेहरान ने भी अतिरिक्त मिसाइल हमलों से जवाब दिया।
ईरान की सेना ने सोमवार तड़के कहा कि वह इजरायल के खिलाफ हमले रोक रही है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि लेबनान में इजरायली कार्रवाई जारी रही तो उसका जवाब ‘काफी कड़ा और विनाशकारी’ होगा। इजरायली मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि इजरायल ने फिलहाल ईरान पर हवाई हमले रोकने पर सहमति जतायी है, लेकिन दक्षिणी लेबनान में उसकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किये जाने के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल तथा क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों वाले अन्य देशों को निशाना बनाया था।
आठ अप्रैल को अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन उसके क्रियान्वयन और क्षेत्रीय घटनाक्रमों को लेकर मतभेद के कारण वार्ता आगे नहीं बढ़ सकी। राष्ट्रपति ट्रम्प ने युद्धविराम को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने की घोषणा की थी, फिर भी संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करने संबंधी समझौता अब तक नहीं हो सका है। ईरान का कहना है कि उसके परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी वार्ता से पहले अमेरिका और इजरायल को युद्ध पूरी तरह समाप्त करना होगा।

