
भोपाल। जैन समाज द्वारा आयोजित आठ दिवसीय जैन बाल-युवा शिक्षण शिविर का समापन समारोहपूर्वक हुआ। इस अवसर पर शिविर में भाग लेने वाले बच्चों एवं युवाओं को सम्मानित किया गया। शिविर के दौरान प्रतिभागी प्रतिदिन अभिषेक, पूजा एवं जैन सिद्धांतों के पालन के माध्यम से आध्यात्मिकता, संस्कृति और संस्कारों को आत्मसात कर रहे थे।
शिविर प्रभारी मोहित बड़कुल ने बताया कि समाज के शिक्षित युवाओं ने बच्चों को सात्विक जीवनशैली, नैतिक मूल्यों और सरल जीवन जीने की प्रेरणा दी। शिविर में बच्चों ने अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम में पं. अशोक मांगुलकर, पं. रितेश शास्त्री, पं. सौरभ, पं. आयुष, पं. मुक्तेश एवं पं. आर्जव सहित कई विद्वानों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। शिविर का उद्देश्य परस्पर सहयोग की भावना विकसित करते हुए भारतीय संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण को बढ़ावा देना रहा। समापन अवसर पर समाज के अनेक पदाधिकारी, समाजसेवी एवं युवाओं की सक्रिय सहभागिता रही।
