नयी दिल्ली, 5 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेसी कुछ भी कहें पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में सुधार के हाल के निर्णयों से कर्नाटक और केरल की सरकारें खुश नहीं थीं क्योंकि वे कर राजस्व छोड़ना नहीं चाह रही थीं ।
वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री का यह बयान इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस पार्टी का दावा है कि जीएसटी की दरों में कटौती उसके नेता राहुल गांधी की ओर से पहले से की जा रही मांग के अनुरूप है। कर्नाटक में कांग्रेस और केरल में वामपंथी दलों के मोर्चे की सरकार है।
श्री गोयल ने यहां पार्टी मुख्यालय पर एक संवाददाता सम्मेलन में इस आशय के एक सवाल पर कहा, ‘‘ कर्नाटक और केरल की सरकार खुश नहीं थीं। वे उपभोक्ताओं को लाभ नहीं देना चाह रहे थे, वे चाहते थे कि यह लाभ उनको नहीं देना पड़े।”
श्री गोयल ने कहा , ‘‘ वे (कांग्रेस के लोग) समझ रहे हैं कि इससे कांग्रेस का भांडा फूट जाएगा। कांग्रेस ने अपने 10 साल के शासन में एक भी अच्छे कदम नहीं उठाए।” उन्होंने कहा कि श्री राहुल गांधी को जैसे ही पता चल जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी जनता के हित में कोई निर्णय लेने वाले हैं उससे पहले ही वो इसकी मांग करने लगते हैं और निर्णय आने पर इसका श्रेय लेने लगते हैं।”
जीएसटी सुधार पर उन्होंने कहा कि परिषद में कांग्रेस शासित राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी हैं। जिसके कारण उनको यह जानकारी हो गई थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह निर्णय कोई एक दिन में नहीं लिया गया और इसके लिए केंद्र सरकार लंबे समय से कार्ययोजना तैयार कर रही थी। उन्होंने श्री गांधी के बारे में कहा, “वह एक ऐसा रॉकेट हैं जो तमाम प्रयासों के बावजूद आजतक लॉन्च ही नहीं हो सका है।”
श्री गोयल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व में विकास दर आठ फीसदी से घटकर चार फीसदी पर आ गई थी, जबकि महंगाई चार फीसदी से बढ़कर आठ फीसदी के स्तर पर आ गई थी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में कोई बड़ा सुधार नहीं किया, कांग्रेस सरकार ने 10 साल में भ्रष्टाचार किया। कांग्रेस का मतलब अत्यधिक कर रहा है। एक जमाने में कुल मिलाकर 95 फीसदी तक आयकर लगाया जाता था।
