नगर निगम खंगाल रहा खाली पड़ी सरकारी जमीनों की फाइल

उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन तेजी से विकास की नई इबारत लिख रही है. शहर में एक साथ चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण, सीवरेज, सड़क, पार्किंग और अधोसंरचना से जुड़े दर्जनों प्रकल्पों पर काम चल रहा है. नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप इस बार का सिंहस्थ देश का सबसे बेहतर और व्यवस्थित सिंहस्थ बनाने की दिशा में सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं.

नवभारत से चर्चा में आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा वर्तमान में 45 निर्माण और विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं. इनमें कंठाल से कोयला फाटक के बीच का महत्वपूर्ण निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. अब केवल फिनिशिंग कार्य शेष है.

पांच काम पूरे होने वाले
इसके अलावा पांच अन्य प्रमुख प्रकल्प भी पूर्णता की ओर बढ़ रहे हैं. शहर में सीवरेज नेटवर्क का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी तेज गति से चल रहे हैं.

महाकाल सवारी निकलेगी
महाकाल की आगामी सवारियों को ध्यान में रखते हुए महाकाल मार्ग और उससे जुड़े सभी प्रमुख मार्गों पर निर्माण कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं. इसकी लगातार मॉनीटरिंग भी की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.

भविष्य की आवश्यकता
आयुक्त ने बताया कि सिंहस्थ-2028 में लगभग 50 करोड़ श्रद्धालुओं और साधु-संतों के आने का अनुमान है. इसी को ध्यान में रखते हुए उज्जैन को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. शहर की खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर भी नए प्रकल्प विकसित किए जाने की तैयारी चल रही है. विशेष रूप से महाकाल मंदिर के आसपास स्थित वर्षों से खाली सरकारी भूमि की समीक्षा की जा रही है. पुरानी योजनाओं की फाइलें निकलवाकर उनका परीक्षण किया जा रहा है और नए सिरे से विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं.

बड़े प्रोजेक्ट आएंगे
शहर की खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे. साथ ही पार्किंग, आधुनिक बाजार और अन्य सुविधाएं भी निर्मित होंगी, जिससे महाकाल दर्शन के लिए आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सके. श्रद्धालु यदि उज्जैन में अधिक समय तक रुकेंगे तो स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, शहर की आय बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.

सीएम के विजन से सौगात
आयुक्त ने कहा कि विकास कार्यों के साथ अनेक सहायक गतिविधियां भी जुड़ी होती हैं, जिससे एक व्यापक आर्थिक तंत्र विकसित होता है. निर्माण कार्यों से रोजगार, व्यापार और सेवा क्षेत्र को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है. महाकाल बाबा की कृपा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के कारण उज्जैन को लगातार नई सौगातें मिल रही हैं.

मेहमान चले जाएंगे, सौगात यहीं
आयुक्त के अनुसार सिंहस्थ में आने वाले साधु-संत और श्रद्धालु स्नान एवं दर्शन कर वापस चले जाएंगे, लेकिन जो सड़कें, फ्लाईओवर, फोरलेन, सिक्सलेन, पार्किंग, बाजार और अन्य अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित हो रही हैं, उनका स्थायी लाभ उज्जैन की जनता को मिलेगा. आने वाले वर्षों में यही विकास कार्य शहर की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार बनेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि जिस गति से उज्जैन आगे बढ़ रहा है, वह दिन दूर नहीं जब यह शहर देश के कई बड़े महानगरों की बराबरी करेगा. आज महाकाल लोक और धार्मिक पर्यटन के कारण उज्जैन देश-विदेश में अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुका है और सिंहस्थ-2028 के बाद यह पहचान और अधिक मजबूत होगी

Next Post

11 जून को चार ट्रेनें रद्द, कई के बदले मार्ग, लक्ष्मीबाई नगर यार्ड रीमॉडलिंग का असर,

Tue Jun 9 , 2026
इंदौर: लक्ष्मीबाई नगर यार्ड में चल रहे फेज-2 रीमॉडलिंग कार्य का असर अब रेल यातायात पर दिखाई देने लगा है. पश्चिम रेलवे ने 11 जून को इंदौर, उज्जैन, रतलाम और डॉ. अंबेडकर नगर रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है. इसके तहत चार पैसेंजर ट्रेनों […]

You May Like