
पानसेमल। तहसील क्षेत्र के एक छोटे से ग्राम पाडल्या निवासी मीना गिरासे की मेहनत,लगन के साथ संघर्ष भरे जीवन के बाद PSC परीक्षा उत्तीर्ण कर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर पहुंची है।परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर पर एक हादसे में आग लगने के दौरान पिता का सर से हाथ 1 वर्ष की उम्र में उठ गया जिसके पश्चात माता एवं बड़े भाई ने मीना को पढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। मीना ने वर्ष 2024 में तैयारी करते हुए पहली बार में ही अपनी PSC परीक्षा उत्तीर्ण की मीना ने कक्षा 10 वीं 12 वी बड़वानी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से उत्तीर्ण की ओर BSC एवं MA भूगोल से बड़वानी PG कॉलेज से करते हुए लक्ष्य को जारी रखा।अपने जीवन में माता पिता भाई बहन और गुरु को सफलता का श्रेय देने वाली मीना ने बताया की जीवन में उन्होंने कभी भी हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य को लेकर लगातार ध्यान दिया,ओर विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति प्रयास करने का संदेश दिया है।आज इस असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के बाद उन्हें बहुत खुशी हो रही है कि उनकी मेहनत का सार्थक परिणाम मिला है। परिवार के सदस्यों ने उन्हें बधाई दी है।उनकी भाभी ने बताया कि पिता की मौत के बाद दिवंगत बड़े भाई ने मीना को बेटी की तरह माना और उसे निरंतर पढ़ाई कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कन्या शाला की छात्रा पूजा सोनी ने बताया कि मीना मेम ने उन्हें भूगोल विषय पढ़ाया बहुत संघर्ष के बाद वे इस मुकाम पर पहुंची है।शासकीय कन्या विद्यालय पानसेमल स्टाफ ने आतिशबाजी कर उन्हें बधाई दी है।उनके परिवार में माताजी देवली बाई तेरसिंह,धानकी बाई तेरसिंह बड़े भैय्या का रमेश,भाभी बाना बाई,छोटे भाई रायसिंह,भाभी रिंगु बाई,छोटी बहन का नाम सुमन गिरासे सहित ग्रामीणों ने मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी हे।
