
छिंदवाड़ा. पत्नी ने शराब पीने की आदत छोडऩे की लिए कहा तो पति ने पत्नी को लकड़ी से पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया था उक्त मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है. शासकीय अधिवक्ता पंकज श्रीवास्तव द्वारा बताया गया की 02 जुलाई 2025 को ग्राम मडकाढ़ाना के कोटवार द्वारा नवेगांव थाना प्रभारी को सूचना मिली थी की बशीराम पद्राम के मकान में बशीराम की पत्नि सरिता का शव मिला है बशीराम ने सरिता से सम्मेलन में शादी की थी. सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर अग्रिम विवेचना प्रारंभ की जिसमें ज्ञात हुआ है कि 01 जुलाई 2025 की रात को बंशीराम की पत्नि सरिता मायके जाने के लिए जिद कर रही थी और उसने कहा की तुमने शराब पीने की आदत नही छोडी तो मैं तुम्हे तलाक दे दूंगी. इसी बात से नाराज होकर बशीराम ने लकडी से सरिता के आआंख, सिर, माथे, कमर और पैरो पर लगातार लकड़ी से मार कर हत्या कर दिया था. पुलिस ने आरोपी बंशीराम पिता महाडू पन्द्राम 45 साल निवासी ग्राम मडका ढाना के खिलाफ हत्या का प्रकरणा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और प्रकरण को न्यायलय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जहां प्रकरण में पुलिस के द्वारा कुल 18 गवाह अभियोग पत्र में शामिल किये गये थे. मामले में न्यायालय के समक्ष 11 गवाहों को परीक्षण अभियोजन के द्वारा कराया गया. अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश महेन्द्र मांगोदिया जुन्नारदेव के द्वारा अभियुक्त को लगभग 1 वर्ष में प्रकरण का विचारण पूर्ण कर निर्णय कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है। मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक पंकज श्रीवास्तव के द्वारा प्रकरण में पैरवी की गई तथा प्रकरण के विवेचक निरीक्षक उमेश मार्को एवं उपनिरीक्षक महेन्द्र शाक्य एवं तारूण मरकाम के द्वारा की गई.
