नई दिल्ली | अंतरिक्ष में हुई एक बड़ी हलचल के कारण सूर्य का एक शक्तिशाली महातूफान तेजी से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों ने इसे इस साल का अब तक का सबसे भीषण सौर विस्फोट करार दिया है। सूर्य के ‘एक्टिव रीजन 4461’ से उत्पन्न यह तूफान 1,400 किलोमीटर प्रति सेकंड की तूफानी रफ्तार से हमारे ग्रह की ओर अग्रसर है, जिसने नासा सहित वैश्विक अंतरिक्ष एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है।
क्या है ‘कैनिबल’ तूफान का खतरा?
इस तूफान को ‘कैनिबल सीएमई’ का नाम दिया गया है, क्योंकि यह अपने रास्ते में आने वाली पुरानी सौर लहरों को अपने भीतर समाहित कर अपनी शक्ति को कई गुना बढ़ा चुका है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ‘G4’ श्रेणी के गंभीर भू-चुंबकीय तूफान में बदल सकता है। इसके पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर से टकराने की प्रबल संभावना है, जिससे संचार प्रणालियों और उपग्रहों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
अरोरा का अद्भुत आकाशीय नजारा
इस सौर तूफान का एक दुर्लभ और सुंदर पहलू आसमान में ‘अरोरा’ का दिखना है। यदि यह तूफान पृथ्वी की चुंबकीय ढाल को भेदता है, तो उत्तरी भारत के पहाड़ी क्षेत्रों, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के आसमान में हरे, बैंगनी और लाल रंगों की अद्भुत आकाशीय रोशनी देखने को मिल सकती है। वैज्ञानिक इस घटनाक्रम पर लगातार पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी बड़ी तकनीकी समस्या से बचने के लिए पूर्व चेतावनी दी जा सके।

