नई दिल्ली | अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को अर्जेंटीना के पहले लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 10 साल का मरीन सर्विसेज कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस डील के जरिए अडानी ग्रुप ने पहली बार दक्षिण अमेरिकी बाजार में प्रवेश किया है। यह अनुबंध अडानी हार्बर इंटरनेशनल और मेरिडियन ग्रुप के संयुक्त वेंचर को प्रदान किया गया है।
अत्याधुनिक तकनीक और सेवाओं का विस्तार
इस साझेदारी के तहत अडानी की कंपनी सैन मटियास गल्फ में एलएनजी जहाजों को सुरक्षित सेवाएं प्रदान करेगी। इसके लिए 6 अत्याधुनिक जहाजों का बेड़ा तैनात किया जाएगा, जिसमें टगबोट और क्रू बोट शामिल हैं। सितंबर 2027 से शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य गैस का सुरक्षित परिवहन और लॉजिस्टिक्स संभालना है। यह अर्जेंटीना के रियो नीग्रो प्रांत में जनरल सैन मार्टिन पाइपलाइन के साथ संचालित होगा।
भारत के लिए रणनीतिक महत्व
यह प्रोजेक्ट भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि अर्जेंटीना भविष्य में भारत के लिए एलएनजी का एक प्रमुख सप्लायर बनने की तैयारी में है। इस डील के साथ अडानी पोर्ट्स का मरीन बिजनेस अब दुनिया के 12 देशों तक पहुंच चुका है। हर साल 2.45 मिलियन टन एलएनजी उत्पादन की क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से वैश्विक ऊर्जा व्यापार में कंपनी का दबदबा और अधिक मजबूत होगा।

