
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल के सागर में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जबलपुर इकाई ने रेलवे के डिप्टी सीई कंस्ट्र्रक्शन 2 नारायण सिंह बुंदेला को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद पश्चिम मध्य रेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए उन्हें उनके वर्तमान पद से हटा दिया गया है। अभी उनकी निलंबन अवधि में पदस्थापना कहां की गई है, इसकी जानकारी नहीं लग सकी है। बता दें कि सीबीआई की टीम ने आरोपी रेल इंजीनियर को सीबीआई की विशेष कोर्ट में पेश किया और 3 दिन की रिमांड मांगी थी कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बुंदेला को तीन दिन की सीबीआई की कस्टडी में देने की मंजूरी प्रदान की थी वही रिमांड की अवधि सोमवार 8 जून को समाप्त हो रही है।
क्या था पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि जबलपुर सीबीआई की टीम एक ठेकेदार की शिकायत पर सागर पहुंची थी, जहां 4 जून की रात को उप मुख्य अभियंता (निर्माण) 2, नारायण सिंह बुंदेला, जिनकी पदस्थापना भोपाल में है और उनके कार्य क्षेत्र में कटनी-बीना आदि का इंजीनियरिंग कार्य आता है। वर्तमान में सागर में निर्माण विभाग कई कार्य करा रहा है उक्त अधिकारी के खिलाफ एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद रेलवे में जमा अपनी सिक्योरिटी मनी वापस मांगी थी। इस प्रक्रिया के लिए सेक्शन इंजीनियर बुंदेला ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की।
