ग्वालियर: देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित खेल शिक्षण संस्थान में कार्यरत एक योग टीचर के साथ शारीरिक शोषण मामले में एलएनआईपीई के पूर्व कुलपति दूरेहा को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने 35 लाख रुपये क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया है. जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के ने फैसले में कहा कि संस्थान की ही महिला शिक्षक ने दुरेहा पर मानसिक और शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया. लंबी लड़ाई के बाद जांच कमेटी बनी, जिसने जांच में दुरेहा को दोषी माना.
इसके बावजूद एलएनआईपीई ने इस मामले की अनदेखी की. ऐसे व्यक्ति के हाथों में संस्थान का प्रशासनिक जिम्मा देकर रखा, जो किसी भी काम के योग्य नहीं.
हाई कोर्ट ने एलएनआईपीई पर एक लाख रुपये की कॉस्ट लगाई है. इसके अलावा मध्य प्रदेश शासन को पीड़िता को 5 लाख रुपये बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है. महिला प्रशिक्षक का कहना था कि कार्रवाई के लिए वो 2019 से अब तक 50 आवेदन दे चुकी हैं. इसी तरह के शोषण के कारण एक महिला शिक्षक ने नौकरी तक छोड़ दीं. दुष्कर्म और छेड़छाड़ का केस भी दर्ज हुआ. ये घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं.
एडवोकेट योगेश चतुर्वेदी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एलएनआईपीई में कार्यरत महिला प्रशिक्षक ने सबसे पहले 2019 में तत्कालीन कुलपति की शिकायत की. आरोप लगाया कि सुबह 7 बजे क्लास जाते समय डॉ. दुरेहा ने छूना शुरू किया. फिर पीठ के नीचे हाथ रखा. महिला ने हाथ हटाया और नाराजगी जताकर वहां से चली गई. महिला ने इसकी शिकायत संस्थान से लेकर मंत्रालय तक की.
महिला शिक्षिका ने पूर्व वीसी पर लगाए थे गंभीर आरोप
उन्होंने बताया कि महिला शिक्षिका ने गंभीर आरोप लगाया कि डॉ. दुरेहा उस पर शारीरिक संबंध बनाने दबाव बना रहे हैं. उसके द्वारा मना करने पर नौकरी से निकालने और करियर चौपट करने की धमकी देते हैं. महिला ने पुलिस में भी शिकायत की, लेकिन जब पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की, तो सुप्रीम कोर्ट की शरण ली. वहां से संरक्षण मिलने के बाद याची हाईकोर्ट मे याचिका दायरे कर शिक्षण संस्थान में सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण प्रदान करने व कानून के अनुसार, क्षतिपूर्ति दिलाने की गुहार लगाई.
