
मनासा। नगर परिषद मनासा ने शनिवार को शासकीय नजूल भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रशासन ने लगभग 4,800 वर्गमीटर भूमि पर अवैध रूप से निर्मित दुकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। मुक्त कराई गई इस शासकीय भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 7 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह भूमि कुकड़ेश्वर निवासी भाजपा नेता उज्जवल पटवा से संबंधित है। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
एक दुकान की अनुमति पर बना दीं आठ दुकानें
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला महेश्वरम कॉलोनी के समीप स्थित शासकीय नजूल आबादी सर्वे नंबर 300 की भूमि से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2012 में इस भूमि का कथित रूप से अवैध नामांतरण कराया गया था। इसके बाद, वर्ष 2022 में संबंधित पक्ष द्वारा केवल एक दुकान के निर्माण की अनुमति ली गई थी, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर उसी स्थान पर आठ दुकानों का निर्माण कर लिया गया। नगर परिषद के मुताबिक, यह निर्माण कार्य नगर एवं ग्राम निवेश विभाग की आवश्यक स्वीकृति और व्यावसायिक डायवर्शन के बिना किया गया था।
कलेक्टर कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट तक चला कानूनी विवाद
इस मामले में नगर परिषद ने 10 जनवरी 2026 को एक प्रस्ताव पारित कर उक्त भूमि पर दी गई निर्माण अनुमति और नामांतरण को निरस्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ संबंधित पक्ष ने जिला कलेक्टर कार्यालय नीमच में अपील दायर की, जहाँ अपर कलेक्टर ने नगर परिषद के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था।
अपर कलेक्टर के इस आदेश को नगर परिषद ने इंदौर उच्च न्यायालय (॥द्बद्दद्ध ष्टशह्वह्म्ह्ल) की खंडपीठ में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद द्वारा निर्माण अनुमति और नामांतरण निरस्त करने के प्रस्ताव को सही ठहराया और अपर कलेक्टर के आदेश को खारिज कर दिया। न्यायालय के इसी आदेश को आधार बनाते हुए शनिवार को प्रशासन ने यह बड़ी कार्रवाई की।
मौके पर तैनात रहा भारी अमला
कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुकेश निगम (तहसीलदार), संजय पाटीदार (मुख्य नगर पालिका अधिकारी),रविश कादरी (उपयंत्री),तेजसिंह सिसोदिया (एएसआई, थाना मनासा) उपस्थित थे। नगर परिषद के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले समय में भी शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
उज्जवल पटवा का पक्ष: ‘यह कोर्ट की अवमानना है ‘
दूसरी ओर, इस कार्रवाई को लेकर भाजपा नेता उज्जवल पटवा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा:
‘नगर परिषद द्वारा बिना मेरी जानकारी के और बिना विधिक प्रक्रिया का पालन किए यह अवैध कार्रवाई की गई है। यह न केवल मेरे विरुद्ध अन्याय है, बल्कि माननीय न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर कोर्ट की अवमानना भी है। ‘
पटवा ने संकेत दिए हैं कि वे इस प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ जल्द ही आगे कानूनी कदम उठाएंगे।
