एमपी वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र : डॉ मोहन यादव

इंदौर ।इंदौर में आयोजित इंडिया-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि किसी भी सच्ची साझेदारी की नींव केवल समझौतों पर नहीं, बल्कि अपनत्व और विश्वास पर आधारित होती है। उन्होंने लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के राजदूतों एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में निवेश के व्यापक अवसरों की जानकारी देते हुए प्रदेश को वैश्विक निवेश का उभरता केंद्र बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेशक-अनुकूल नीतियां और कुशल मानव संसाधन इसे उद्योगों के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। केंद्र और राज्य सरकार प्रदेश में सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स तथा औद्योगिक ढांचे के विकास के लिए लगातार निवेश कर रही हैं।

इंदौर और पीथमपुर बन रहे औद्योगिक हब

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बताया कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र फार्मास्यूटिकल, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और आईटी क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बन चुका है। मध्यप्रदेश में निर्मित दवाएं, इंजीनियरिंग उत्पाद, टेक्सटाइल, कृषि एवं खाद्य उत्पाद लैटिन अमेरिकी देशों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राजील, मेक्सिको, पेरू और अन्य देशों के साथ औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

कृषि, स्टार्टअप और उद्योगों में अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का “फूड बास्केट” बनकर उभरा है। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण और स्टार्टअप क्षेत्र में निवेश के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रदेश में 6,000 से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें 45 प्रतिशत से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। अगले पांच वर्षों में छह प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं।

इंदौर की विशेष पहचान

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्या बाई होलकर की नगरी इंदौर केवल देश का सबसे स्वच्छ शहर ही नहीं, बल्कि व्यापार, सुशासन और आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है। इंदौर ने सदियों से व्यापारिक समृद्धि और उत्कृष्ट प्रशासन की परंपरा को आगे बढ़ाया है।

 

भारत-लैटिन अमेरिका संबंध होंगे और मजबूत

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच सांस्कृतिक मूल्यों, लोक परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान जैसी कई समानताएं हैं, जो आर्थिक सहयोग की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियाई देशों के साथ निर्यात लगभग 3,835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।

 

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधियों को जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट GIS-2027 तथा सिहंस्थ 2028 में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

 

निवेश की संभावनाओं पर चर्चा

 

फोरम में 15 देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिकों, ट्रेड कमिश्नरों और भारतीय उद्योगपतियों ने भाग लेकर व्यापार एवं निवेश सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। इस अवसर पर इंडिया-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन विशेषांक ‘बिजनेस टाइकून्स’ पत्रिका तथा फोरम के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ किया गया।

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