11 दिन में उजड़ गया पूरा परिवार, पत्नी और बेटे की कब्र पर मिला कैंसर पीड़ित पिता का शव

हरपालपुर/महोबा। छतरपुर जिले के हरपालपुर से जुड़े एक परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। महज 11 दिनों के भीतर इस परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जिससे तीन मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, हरपालपुर निवासी 40 वर्षीय सुब्हान अहमद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के चरखारी कस्बे में रह रहे थे। बीते 25 मई को भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने से उनके 4 वर्षीय बेटे हसनैन की मौत हो गई थी। इकलौते छोटे बेटे की मौत का सदमा उसकी मां रजिया खातून सहन नहीं कर सकीं और उन्होंने भी उसी दिन दम तोड़ दिया। दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया था।

पत्नी और बेटे को खोने के बाद कैंसर से पीड़ित सुब्हान अहमद गहरे सदमे में थे। तड़के करीब 4 बजे वह चुपचाप घर से निकले और कब्रिस्तान पहुंच गए। जब सुबह 6 बजे तक वह वापस नहीं लौटे तो परिजन उन्हें तलाशते हुए कब्रिस्तान पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी की आंखें भर आईं। सुब्हान पत्नी और बेटे की कब्रों के बीच अचेत पड़े थे। उनका एक हाथ बेटे की कब्र पर और दूसरा पत्नी की कब्र पर रखा हुआ था।
परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिजनों का कहना है कि उनके पैर पर एक संदिग्ध निशान मिला है, जिससे किसी जहरीले जीव या सांप के काटने की आशंका जताई जा रही है। वहीं चिकित्सक गहरे मानसिक आघात के कारण हृदयाघात की संभावना भी बता रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार में अब केवल 17 वर्षीय सैफ, 14 वर्षीय रोशनी और 11 वर्षीय आलिया बचे हैं। 11 दिनों में एक ही परिवार से तीन जनाजे उठने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

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