आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों पर मोदी, सीतारमण का बयान, जिंदगी और व्यवसाय में आसानी बढ़ाने, सुधारों को आगे बढ़ाने का भरोसा

नयी दिल्ली, 05 जून (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 की आर्थिक वृद्धि दर के शुक्रवार को जारी अनुमानों को बीच देश की अर्थव्यवस्था की आंतरिक मजबूती और सुधारों का परिणाम बताते हुए कारोबार तथा लोगों की जिंदगी को आसान बनाने की दिशा में सुधारों को जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी जीडीपी के आंकड़ों के अनंतिम अनुमानों अनुसार 2025-26 की चौथी तिमाही में देश के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सालाना आधार पर 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। इन आंकड़ों में पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के जीडीपी में एक साल पहले की तुलना में 7.7 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया गया है।

श्री मोदी ने इन आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए सोशल मीडिया पर कहा, “ भारत की विकास की गति मजबूत बनी हुई है, वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7 प्रतिशत और इसी वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (क्यू4) में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर हमारी अर्थव्यवस्था की आंतरिक मजबूती, सुधारों की सफलता और 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “ हम ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ (जीवन को आसान बनाने) और ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ (कारोबार को आसान बनाने) को और बेहतर बनाने तथा अपने युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”

वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने एक पोस्ट में कहा, “ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार, वैश्विक चुनौतियों के बीच सकारात्मक आर्थिक गति बनाए रखने के लिए निर्णायक नीतिगत उपायों के साथ ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2025-26 जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत और सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) 7.9 दर से बढ़ने का अनुमान है। जीडीपी में सरकारी कुल सब्सिडी जोड़ कर और करों को घटा कर जीवीए निकाला जाता है। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में जीवीए 7.8 प्रतिशत और 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है।

वित्त मंत्री ने 2025-26 में मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार, मरम्मत और होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण से जुड़ी सेवाएं, भंडारण, तथा वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं जैसे क्षेत्रों में स्थिर और वर्तमान – दोनों कीमतों पर आधारित गणना में दोहरे अंकों (10 प्रतिशत या उससे ऊंची दर पर) में वृद्धि का विशेष रूप से उल्लेख किया है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) डॉ वी. अनंत नागेश्वरन ने वर्ष 2025-26 के जीडीपी के प्रारंभिक अनुमानों के बारे में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये फरवरी में पश्चिम एशिया में लड़ाई छिड़ने से पहले जारी अनुमानों के परिप्रेक्ष्य में कुल मिला कर एक संतुलित चित्र प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आज ही जारी भारतीय रिजर्व बैंक के अनुमानों से सहमति दर्ज की।

भारतीय रिजर्व बैंक ने भू-राजनीतिक परिस्थितियों के वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में उत्पन्न व्यवधानों और मानसून की कमी के असार को देखते हुए चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को घटा कर 6.6 प्रतिशत और खुदरा मुद्रा स्फीति के अनुमान को बढ़ा कर 5.1 प्रतिशत कर दिया है। अप्रैल की नीतिगत समीक्षा के समय आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की जीडीपी 6.9 प्रतिशत तथा मुद्रास्फीति 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। उन्होंने कहा कि आरबीआई के अनुमानों पर इस समय सवाल उठाने का कोई कारण नहीं है, क्योंकि उसके अनुमानों में आंकड़ों के ऊपर या नीचे दोनों दिशाओं में संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ नागेश्वर ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पुन: गत 28 फरवरी से पहले जैसी सामान्य हो जाती है तो वृहद आर्थिक स्थिरता और आपूर्ति संबंधी उपायों से भारत वित्त वर्ष 2027-28 में फिर से सात प्रतिशत की वृद्धि दर की राह पर लौट सकता है।

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