
इटारसी। आज इटारसी वासियों ने एक अद्भुत खगोलीय घटना ‘ज़ीरो शैडो डे’ को न सिर्फ देखा, बल्कि विज्ञान के लाइव प्रयोग के जरिए इसके पीछे के रहस्यों को भी समझा। बृहस्पति साइंस सेंटर के डायरेक्टर राजेश पाराशर के मार्गदर्शन में आयोजित इस वैज्ञानिक प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में छात्र और आम लोग मौजूद रहे।
खगोलीय घटना को प्रामाणिक रूप से दिखाने के लिए सांई फार्च्यून सिटी के मुख्य पार्क में पर 3-3 फीट साइज की 12 लोहे की रॉड को जमीन पर बिल्कुल सीधा लंबवत गाड़ा गया था। सुबह 11:00 बजे के बाद जैसे-जैसे सूर्य सिर के ऊपर आता गया, इन रॉड्स की परछाई धीरे-धीरे छोटी होती चली गई। दोपहर के सटीक 12:18 PM पर सूर्य ठीक 90 डिग्री के कोण पर आ गया और कुछ पलों के लिए रॉड्स की परछाई पूरी तरह गायब हो गई, जिसे देखकर उपस्थित लोग अचंभित रह गए।
इस अवसर पर राजेश पाराशर ने कहा कि विज्ञान सिर्फ स्कूल की किताबों, रटने या परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। ब्रह्मांड खुद एक बहुत बड़ी प्रयोगशाला है, और हम हर दिन विज्ञान के नियमों के बीच जीते हैं।
इस प्रयोग के बाद जानकारी दी कि सूर्य जब उत्तरायण के दौरान कर्क रेखा की तरफ बढ़ता है, तब वह अलग-अलग अक्षांशों पर लंबवत चमकता है। । परछाई गायब होने का सटीक समय दोपहर 12:12 PM से 12:20 PM के बीच होता है जब सूर्य स्थानीय क्षितिज पर ठीक 90 डिग्री पर होता है ।
प्रयोग का समन्वयन एम एस नरवरिया ने किया। अतिथि के रूप में बसंत श्रीवास्तव उपस्थित थे । हरीश चौधरी ने बच्चों को आंकड़े लेने में मार्गदर्शन दिया । प्रयोगों में श्रेष्ठ प्रदर्शन पर बच्चों को मैडल प्रदान किये गये ।
राजेश पाराशर ने बताया कि नर्मदापुरम संभाग मे भी विभिन्न नगरो मे अलग-अलग दिन परछाई गायब होती है क्योंकि सबका अक्षांश (स्थान) अलग है।
शहर जीरो शैडो डे की दिनांक
बैतूल 31 मई 2026
हरदा 03 जून 2026
केसला 04 जून 2026
माखननगर 05 जून 2026
नर्मदापुरम 06 जून 2026
