तिरुवनंतपुरम, 05 जून (वार्ता) केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक सुमन बिल्ला ने कहा है कि भारत को रोजगार और विदेशी मुद्रा अर्जन की क्षमता का भरपूर फायदा उठाना चाहिए।
श्री बिल्ला ने तिरुवनंतपुरम में तीन दिवसीय ग्लोबल ट्रैवल मार्केट (जीटीएम) 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दशक में भारत ने तेजी से आर्थिक विकास, लोगों की आय में बढ़ोतरी और बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश देखे हैं, जिससे पर्यटन के विस्तार के अनुकूल हालात बने हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि देश का पर्यटन प्रदर्शन अभी भी उसकी विशाल क्षमता की तुलना में कम है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से उभरती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक है, जहां बढ़ती आय के कारण यात्रा और नए अनुभवों की चाहत लोगों में बढ़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया ने नयी जगहों को देखने की लोगों की इच्छा को और तेज कर दिया है। श्री बिल्ला ने देश में बुनियादी ढांचे में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले दशक में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी से अधिक होकर 150 हो गई है, जबकि एयरलाइन बेड़े का भी विस्तार होने वाला है। बेहतर हवाई मार्ग और एक्सप्रेसवे ने भी पूरे देश में यात्रा को आसान बनाया है।
उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों के बावजूद भारत को अभी अपने पर्यटन क्षेत्र के और विस्तार पर ध्यान देना है जहां पिछले दशक में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या दोगुनी होकर लगभग 2 करोड़ हो गई है, वहीं भारतीयों की विदेश यात्राएं और भी तेजी से बढ़ी हैं, जिससे भारत पर्यटन के जरिए विदेशी मुद्रा खर्च करने वाला देश बन गया है।
उन्होंने कहा, “पर्यटन कभी भारत के लिए विदेशी मुद्रा कमाने का एक बड़ा जरिया हुआ करता था। आज विदेश यात्राएं तेजी से बढ़ रही हैं और यह एक ऐसी बात है जिस पर हमें सोचने की जरूरत है।”
श्री बिल्ला ने रोजगार पैदा करने में पर्यटन की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि यह क्षेत्र स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में आजीविका का समर्थन करता है, जिससे आतिथ्य सत्कार कर्मी, परिवहन संचालक, किसान, कारीगर और छोटे व्यवसायों को फायदा होता है।
उन्होंने केरल के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहे गए जिम्मेदार पर्यटन मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने टिकाऊ पर्यटन विकास के लिए एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा, “जिम्मेदार पर्यटन के सिद्धांतों को लागू करने के मामले में केरल का कोई मुकाबला नहीं है।”
