
रीवा। शुक्रवार की देर रात त्योंथर क्षेत्र में आंधी और बारिश ने तबाही मचाई, सबसे ज्यादा नुकसान विद्युत विभाग को हुआ. सैकड़ो विद्युत पोल धराशाई हो गए, दो दिन तक चले मरम्मत कार्य के बाद भी आधा सैकड़ा गांवो की विद्युत आपूर्ति बहाल नही हो पाई, दो दिन से उपभोक्ता अंधेरे में है.
गौरतलब है कि शुक्रवार की देर रात तेज आंधी और बारिश हुई जिसका असर त्योंथर एवं तराई क्षेत्र में रहा. आंधी इतनी तेज थी कि विद्युत पोल धराशाई हो गए, इसके साथ ही वितरण ट्रांसफार्मर डीपी सहित जमीन पर आ गये. अच्छा रहा कि पहले ही सब स्टेशन से आपूर्ति बंद कर दी गई थी, जिसके कारण किसी तरह की जनहानि नही हुई. 150 से 200 विद्युत पोल टूट गये और दर्जन भर वितरण ट्रांसफार्मर जमीन पर आ गये. बताया गया है कि सबसे ज्यादा नुकसान त्योंथर, जवा, चाकघाट, रायपुर सोनौरी और अतरैल वितरण केन्द्र में हुआ है. सुबह से ही मरम्मत कार्य शुरू किया गया जहा पर तार टूटे थे और केबिले गिर गई थी उन्हे सही कर आपूर्ति बहाल कर दी गई. लेकिन कई जगह 11 हजार की लाइन टूटने के कारण मरम्मत कार्य में समय लगा. विभाग के पास पर्याप्त विद्युत पोल भी नही है जिसकी वजह से मरम्मत कार्य में समय लग रहा है. दो दिन चले लाइन मरम्मत कार्य के बाद भी आधा सैकड़ा गांवो की विद्युत सप्लाई बहाल नही हो पाई है, ब्लैक आउट है पानी तक के लिये लोग परेशान है. इस 44 डिग्री तापमान वाली गर्मी से लोग बेहाल है. इतना ज्यादा नुकसान हुआ है कि अभी विद्युत लाइन को खड़ा करने में समय लगेगा. त्योंथर डिवीजन की सभी टीम प्रभावित क्षेत्र में लगी हुई है. लेकिन पर्याप्त संसाधन न होने के कारण मरम्मत कार्य में समय लग रहा है. त्योंथर डिवीजन के कार्यपालन यंत्री आशीष बैन ने बताया कि जहा ज्यादा नुकसान हुआ है वहा लाइन खड़ी की जा रही है. 12 ट्रांसफार्मर की डीपी गिरी है अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है.
युद्ध स्तर पर चल रहा कार्य
अधीक्षण यंत्री बी.के शुक्ला ने बताया कि तेज आंधी और बारिश से त्योंथर डिवीजन में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. विद्युत पोल सहित वितरण ट्रांसफार्मर की डीपी टूट कर जमीन पर आ गई है. शुक्रवार से ही मरम्मत का कार्य चल रहा है अधिकांश जगह विद्युत लाइन खड़ी कर ली गई है और विद्युत आपूर्ति बहाल की गई है. लेकिन भी भी कई गांवो में आपूर्ति बाधित है, युद्ध स्तर पर काम चल रहा है. रविवार तक विद्युत आपूर्ति बहाल हो जाएगी. सबसे ज्यादा नुकसान त्योंथर, चाकघाट, रायपुर, सोनौरी, जवा और अतरैला डीसी में हुआ है. जहा काम किया जा रहा है.
