संयुक्त राष्ट्र, 30 मई (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के जिन क्षेत्रों में संघर्ष जारी है वहां 2025 के दौरान यौन हिंसा भारी वृद्धि हुई है। इन क्षेत्रों में 2025 में यौन हिंसा के लगभग 10,000 मामले दर्ज किए गए जो 2024 के आंकड़े से दोगुने से भी अधिक हैं जिसमें दुष्कर्म, यौन दासता और अपहरण को अफ्रीका, मध्य पूर्व, यूरोप और कैरेबियाई देशों में युद्ध हथियारों के रूप में इस्तेमाल किया गया।
संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक रिपोर्ट शुक्रवार को जारी करते हुए, विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पट्टन ने कहा कि ये आंकड़े एक गंभीर वैश्विक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं जिसमें बढ़ती असुरक्षा, विस्थापन एवं पीड़ितों के लिए घटते संसाधन सभी इस संकट को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, “2025 में युद्ध, यातना, आतंकवाद और राजनीतिक दमन की रणनीति के रूप में यौन हिंसा के मामलों में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई जिसमें मुख्य रूप से महिलाओं एवं लड़कियों को निशाना बनाया गया।”
रिपोर्ट में 2025 के दौरान संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा के 9,788 मामलों की पुष्टि की गई हालांकि सुश्री प्रमिला ने कहा कि ये आंकड़े वास्तविकता को नहीं दर्शाते हैं और यौन हिंसा के मामले इससे काफी ज्यादा हो सकते हैं।इस रिपोर्ट में संघर्ष में फंसे 21 देशों में राज्य और गैर-राज्य दोनों ही पक्षों द्वारा किए गए बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौन दासता, जबरन विवाह, तस्करी एवं अपहरण के मामले शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं एवं लड़कियों को ही मुख्य रूप से निशाना बनाया गया, हालांकि पुरुषों एवं लड़कों को भी यौन हिंसा का शिकार होना पड़ा, अक्सर हिरासत में एवं यातना के रूप में। तीसरे जैंडर को भी लक्षित उत्पीड़न एवं दुर्व्यवहार का जोखिम झेलना पड़ा। पीड़ितों की उम्र एक से 70 वर्ष के बीच थी जिसमें दिव्यांगजनों से जुड़े मामले भी शामिल हैं। सुश्री प्रमिला ने कहा कि हिंसा के साथ अत्यधिक शारीरिक दुर्व्यवहार भी होता था, जिसमें बलात्कार के बाद हत्याएं और पीड़ितों द्वारा की गई आत्महत्याएं शामिल हैं। उन्होंने कहा, “यह रिपोर्ट मूल रूप से युद्ध की छाया में रहने वाले इन सभी बचे हुए लोगों एवं समुदायों की मानवीय पीड़ा से संबंधित है।”

