सौसर: जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन और भण्डारण करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन करने वाले रसूखदारों और अवैध ईंट भट्ठा संचालकों पर प्रशासन ने संयुक्त रूप से करोड़ों रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। इसके साथ ही अलग-अलग जगहों से लाखों की संख्या में अवैध कच्ची ईंटें जब्त कर राजसात कर ली गई हैं।
स्वीकृत लीज से बाहर खोदी रेत: रंगारी पंचायत की तत्कालीन सरपंच प्रतिभा आनंदराव ठाकरे उसके पति आनंद ठाकरे, सहित सचिव पर ₹5.26 करोड़ का जुर्माना
जांच में सामने आया कि अनावेदकों द्वारा स्वीकृत लीज क्षेत्र की सीमा से बाहर जाकर कुल 3510 घनमीटर रेत खनिज का अवैध रूप से उत्खनन किया गया। नियमों के उल्लंघन पर खनिज विभाग द्वारा पहले ₹2,63,25,000.00 की प्रशमन राशि प्रस्तावित की गई थी। तय समय में राशि जमा न करने और जांच में आरोप पूरी तरह प्रमाणित होने के बाद प्रशासन ने नियम 18(6) के तहत इस राशि को दोगुना करते हुए ₹5,26,50,000.00 (पांच करोड़ छब्बीस लाख पचास हजार रुपये) का संयुक्त जुर्माना ठोक दिया है।
यह भारी-भरकम जुर्माना ग्राम पंचायत रंगारी तहसील सौंसर, वर्तमान जिला पांढुर्णा की तत्कालीन सरपंच प्रतिभा आनंदराव ठाकरे, तत्कालीन सचिव और उनके एक अन्य साझीदार उसके पति आनंद ठाकरे पिता गंगाधर ठाकरे पर संयुक्त रूप से लगाया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि एक महीने के भीतर यह राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं की गई, तो भू-राजस्व बकाया के रूप में कुर्की की वैधानिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कुम्हार जाति को मिलने वाली छूट का गलत फायदा उठाने पर कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान तहसील सौंसर के ग्राम घोतकी निवासी तीरथ पिता प्रेमचंद कुम्हार पर ₹1,65,000.00 का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अनावेदक कुम्हार जाति का सदस्य है, लेकिन नियमों के तहत इस जाति को मिलने वाली पारंपरिक छूट के दायरे से बाहर जाकर वह बिना किसी विधिक अनुमति के बड़े पैमाने पर मिट्टी का परिवहन, ईंट निर्माण, भण्डारण और अवैध रूप से ईंट भट्ठा संचालित कर रहा था। मौके पर जब्त की गई कच्ची ईंटों का अधिहरण कर लिया गया है।
खेतों को खोदकर बना दीं लाखों ईंटें, जमीन मालिकों और भट्ठा संचालकों पर गाज
खनिज विभाग की टीम ने विभिन्न गांवों में खेतों की निजी भूमियों पर बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की अनुमति या सूचना के मिट्टी खोदकर अवैध रूप से ईंट निर्माण और भण्डारण करने के कई मामले पकड़े हैं। इन सभी मामलों में नोटिस के बाद भी समझौता न करने पर जुर्माना राशि को दोगुना कर दिया गया है।
काजलवानी में दो बड़ी कार्रवाइयां:
मौजा काजलवानी में खसरा नंबर 68 पर बिना अनुमति ईंट बनाने के आरोप में भूमिस्वामी असलमबी और भट्ठा मालिक नासिर निवासी सौंसर पर ₹4,35,000.00 का जुर्माना लगाया गया है और मौके से 80,000 नग कच्ची ईंटें जब्त की गई हैं। इसी गांव के खसरा नंबर 69/2 पर नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में अजीजउल्ला पिता हबीबउल्ला पर ₹2,73,000.00 की पेनल्टी लगाते हुए 50,000 नग कच्ची ईंटें जब्त की गईं।
सावंगा में नागपुर के रसूखदार पर शिकंजा:
मौजा सावंगा में बिना अनुमति मिट्टी का उत्खनन कर ईंट बनाने के मामले में सावनेर (नागपुर) निवासी रामपाल पटेल पिता खेमचंद पटेल पर ₹5,46,000.00 का भारी जुर्माना लगाया गया है, साथ ही मौके से 1,00,000 (एक लाख) नग कच्ची ईंटें जब्त की गई हैं।
रामाकोना क्षेत्र में ताबड़तोड़ कार्रवाई:
मौजा सुरिया बुरिया (रामाकोना) में बिना अनुमति ईंट भट्ठा चलाने के आरोप में विजय पिता बलवंत वानखेड़े पर ₹4,35,000.00 का जुर्माना लगाकर 80,000 कच्ची ईंटें जब्त की गईं। इसी क्षेत्र में अशोक पिता भाउराव उपासे पर ₹4,08,000.00 की पेनल्टी लगाई गई और 75,000 नग कच्ची ईंटें जब्त की गईं।
बोरगांव और अन्य मामले:
मौजा खैरीतायगांव में बिना सूचना मिट्टी का अवैध उपयोग करने पर बोरगांव निवासी विजय उर्फ विकास पिता देवीलाल प्रजापति पर ₹2,73,000.00 का जुर्माना लगाते हुए 50,000 नग ईंटें जब्त की गईं। इसके अतिरिक्त एक अन्य मामले में भी बिना वैध प्राधिकार के ईंट निर्माण पर दोषी पाए जाने पर ₹2,73,000.00 की शास्ति अधिरोपित कर 50,000 नग कच्ची ईंटें राजसात की गई हैं।
जब्त ईंटों की होगी नीलामी, राशि जाएगी सरकारी खजाने में
खनिज अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन सभी कार्रवाइयों में जब्त की गई लाखों की संख्या में कच्ची ईंटों का नियमानुसार निर्वर्तन नीलामी या निपटारा सुनिश्चित करें। नीलामी से प्राप्त होने वाली पूरी राशि को शासकीय नियमों के तहत निर्धारित मद के अंतर्गत सरकारी खजाने में जमा कराया जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे जिले के खनन माफियाओं और अवैध भट्ठा संचालकों में हड़कंप मच गया है।
