पांढुरना:जिला कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ एवं श्रीमती अल्का एक्का अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के मार्गदर्शन में तथा मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपेन्द्र सलामे के निर्देशानुसार सिविल अस्पताल पांढुर्णा में “विश्व तम्बाखु निषेध दिवस” मनाया गया। प्रतिवर्ष 31 मई को “विश्व तम्बाखु निषेध दिवस” के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 के लिए शासन द्वारा “आकर्षण का पर्दाफाश : निकोटिन और तम्बाकू की लत का मुकाबला” शीर्षक थीम निर्धारित की गई है।
इस अवसर पर सिविल अस्पताल पांढुर्णा की दंत चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. राधा भकने द्वारा उपस्थित लोगों को समझाइश दी गई कि आकर्षक पैकिंग, आकर्षक फ्लेवर एवं आकर्षक विज्ञापनों के प्रलोभन में युवा पीढ़ी न आए तथा तम्बाखु, तम्बाखु से बने उत्पाद एवं ई-सिगरेट जैसे हानिकारक पदार्थों का सेवन न करें। उन्होंने कहा कि तम्बाखु की लत युवाओं के स्वास्थ्य एवं भविष्य दोनों के लिए घातक सिद्ध हो सकती है।
कार्यक्रम में नागपुर (महाराष्ट्र) से आए कैंसर विशेषज्ञ डॉ. भास्कर सिंह (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी) द्वारा तम्बाखु सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि तम्बाखु सेवन से मुँह का कैंसर एवं फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। समय रहते यदि इन बीमारियों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो यही बीमारी आगे चलकर मृत्यु का विकराल रूप धारण कर सकती है।
तम्बाखु मुक्त समाज एवं राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प
विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि तम्बाखु का सेवन व्यक्ति को शारीरिक एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ बनाता है तथा यह समाज एवं राष्ट्र के लिए भी कैंसर जैसी गंभीर समस्या को बढ़ावा देता है। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को तम्बाखु के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में संस्था की दंत चिकित्सा अधिकारी डॉ. नेहा क्षेत्री, दंत चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रावणी भोले, श्री सुरेश कुमार टेकाम बीईई, श्री तुषार सिंगारे एसटीएस, श्री देवराव कुमरे मलेरिया निरीक्षक, श्री राजेश हांडे कुष्ठ प्रभारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
विश्व तम्बाखु निषेध दिवस के अवसर पर संस्था में पदस्थ समस्त अधिकारी-कर्मचारियों एवं उपस्थित आमजन को तम्बाखु निषेध की शपथ दिलाई गई। शपथ में सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं तम्बाखु उत्पादों का सेवन नहीं करेंगे, अपने घर एवं कार्यस्थल को तम्बाखु मुक्त रखेंगे तथा अपने परिवारजनों, मित्रों एवं सहकर्मियों को तम्बाखु उत्पादों के हानिकारक परिणामों एवं दुष्प्रभावों के प्रति सदैव जागरूक करेंगे, जिससे मध्यप्रदेश एवं राष्ट्र को स्वस्थ एवं महान राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सके।
