
नरसिंहगढ़। क्षेत्र की महत्वपूर्ण पार्वती पुल की समस्या को लेकर एक बार फिर सकारात्मक पहल सामने आई है. लंबे समय से क्षतिग्रस्त एवं बंद पड़े पार्वती पुल के पुनर्निर्माण को लेकर विधायक मोहन शर्मा ने मंगलवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की. विधायक ने पुल की वर्तमान स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए इससे उत्पन्न हो रही जनसमस्याओं की जानकारी दी.
विधायक शर्मा ने बताया कि लगभग 50 वर्ष पुराना पार्वती पुल जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है. जिसके चलते बीते एक वर्ष से इसे आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है. पुल बंद होने से नरसिंहगढ़ का संपर्क रुनाहा, नजीराबाद, बेरासिया सहित आसपास के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों
से प्रभावित हुआ है. इससे क्षेत्र के नागरिकों को वैकल्पिक मार्गों से आवागमन करना पड़ रहा है. जिससे समय और संसाधनों की अतिरिक्त खपत हो रही है.
पुल के बंद होने का असर साथ-साथ आमजन के विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों पर भी पड़ा है. विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं किसानों को अपनी कृषि उपज मंडियों तक ले जाने में असुविधा
हो रही है. व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल रहा है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधायक द्वारा रखी गई बातों को गंभीरता से सुनते हुए समस्या की संवेदनशीलता को स्वीकार किया. मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि पार्वती पुल के पुनर्निर्माण को इसी बजट में शामिल किया जाएगा. ताकि आवश्यक स्वीक्ति के बाद निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ की जा सके. मुख्यमंत्री के इस आश्वासन
के बाद क्षेत्र में समाधान को लेकर सकारात्मक वातावरण बना है.
उल्लेखनीय है कि पार्वती पुल की स्थिति को लेकर पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन सौंपे गए हैं और लगातार इस विषय को उठाया जाता रहा है. क्षेत्रीय स्तर पर किए गए प्रयासों के बाद अब मुख्यमंत्री स्तर पर चर्चा होने से समाधान की दिशा में ठोस कदम उठने की संभावना बनी है.
मुलाकात के दौरान हाल ही में मुख्यमंत्री के नरसिंहगढ़ दौरे के समय सार्वजनिक सभा में की गई घोषणाओं पर भी चर्चा की गई. इनमें बड़े महादेव को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित करने, नगर के प्रमुख मार्गों पर स्वागत द्वार निर्माण तथा अन्य विकास संबंधी घोषणाएं शामिल रहीं. विधायक ने इन घोषणाओं के शीघ्र क्रियान्वयन की अपेक्षा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी.
