खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ पर

नयी दिल्ली, 26 मई (वार्ता) खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री गत 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2025-26 में 1.87 लाख करोड़ रुपये के नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी।

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योगों का उत्पादन 1,25,296 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान बिक्री भी 1,87,105 करोड़ रही जो अब तक की सर्वाधिक बिक्री है।

खादी वस्त्रों का उत्पादन 3,974 करोड़ रुपये और बिक्री 7,869 करोड़ रुपये रही। वहीं, ग्रामोद्योग क्षेत्र की वस्तुओं का उत्पादन 1,21,322 करोड़ रुपये और बिक्री 30,073 करोड़ रुपये रही। ग्रामोद्योग क्षेत्र में वित्त वर्ष 2025-26 में 1.99 करोड़ लोगों को रोजगार मिला जो ग्रामीण आजीविका सृजन में इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

श्री कुमार ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘घर-घर स्वदेशी’ जैसे अभियानों के प्रभाव से ग्रामोद्योग उत्पादों की मांग में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे यह क्षेत्र ग्रामीण उद्योगों के विस्तार, बाजार सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन का एक प्रमुख आधार बनकर उभरा है।

उन्होंने बताया कि पिछले 12 साल में उत्पादन में 380 प्रतिशत और बिक्री में 501 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। बारह साल में रोजगार सृजन 56 प्रतिशत बढ़ा है और 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। केवीआईसी की योजनाएं ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नयी गति दे रही हैं।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत वित्त वर्ष 2025-26 में 66,494 नयी इकाइयों की स्थापना की गयी, जिनके लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गयी। इन इकाइयों के माध्यम से 7,31,434 लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ।

ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत अब तक बिजली से चलने वाले 51,230 चाक; 2,46,099 बी-बॉक्स एवं बी-कालोनी; ऑटोमैटिक एवं पैडल चालित अगरबत्ती निर्माण के लिए 2,674 मशीन; जूते-चप्पल बनाने और मरम्मत करने के लिए 7,669 टूलकिट; पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण के लिए 836 मशीन; एसी, मोबाइल, सिलाई, इलेक्ट्रिशियन एवं प्लंबर के काम के लिए 7,571 टूलकिट; टर्नवुड, वेस्टवुड क्रॉफ्ट एवं लकड़ी के खिलौने बनाने की 5,138 मशीन तथा पामगुड़, तेल घानी एवं इमली प्रसंस्करण के लिए 1,789 मशीनों का वितरण किया गया है।

वित्त वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की सरकारी आपूर्ति बढ़कर 92.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी जो इस क्षेत्र की बढ़ती स्वीकार्यता और संस्थागत मांग को दर्शाती है। खादी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विपणन गतिविधियों के माध्यम से 30.83 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गयी है। राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री 2.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी है।

 

 

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