
नौगांव/छतरपुर। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और तपिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में तीव्र ‘लू’ (Heat Wave) का प्रभाव दर्ज किया गया है, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा छिंदवाड़ा जिले में भी रातें बेहद गर्म रिकॉर्ड की गईं।
खजुराहो और नौगांव रहे सबसे गर्म, सामान्य से 2.5 डिग्री तक बढ़ा तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई विशेष बड़ा बदलाव तो नहीं हुआ है, लेकिन रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों के जिलों में पारा सामान्य से 2 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस खजुराहो और नौगांव (छतरपुर) में रिकॉर्ड किया गया, जिसने लोगों को झुलसने पर मजबूर कर दिया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
भीषण गर्मी को देखते हुए पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने इस जानलेवा गर्मी और लू से मवेशियों को बचाने के लिए पशुपालकों के लिए विशेष एडवायजरी जारी की है। इसमें पशुओं की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित गाइडलाइंस दी गई हैं:
छायादार स्थान: पशुओं को हमेशा सीधे धूप से बचाकर छायादार और हवादार स्थानों पर ही बांधें।
साफ पानी: मवेशियों के शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए दिन में कम से कम 3 से 4 बार साफ और ठंडा पानी पीने को दें।
पोषण का ध्यान: पशुओं के दैनिक आहार में खनिज मिश्रण (Mineral Mixture) और नमक जरूर मिलाएं ताकि उनके शरीर में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहे।
दोपहर में सावधानी: दोपहर 12:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे के बीच पशुओं को चरने के लिए बाहर बिल्कुल न ले जाएं।
पानी का छिड़काव: गर्मी के तनाव (Heat Stress) को कम करने के लिए समय-समय पर पशुओं के ऊपर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहें।
