गंगा दशहरा पर संतोषी माता तालाब से गूँजा जल संरक्षण का संकल्प

सतना: गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के “जल गंगा संवर्धन अभियान-2026” के अंतर्गत नगर पालिक निगम सतना द्वारा संतोषी माता तालाब परिसर में भव्य जनसहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने सहभागिता करते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर योगेश कुमार ताम्रकार रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता एम.आई.सी. सदस्य गोपी गेलानी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महेंद्र पाण्डेय पार्षद व डायरेक्टर सतना स्मार्ट सिटी, एम.आई.सी. सदस्य पी.के. जैन एवं पार्षद राजेश कुमार सूर्यवंशी उपस्थित रहे।
गंगा दशहरा के अवसर पर महापौर श्री ताम्रकार ने संतोषी माता तालाब में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर चुनरी अर्पित की तथा जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए शासन तथा समाज को मिलकर कार्य करना होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन धर्मेन्द्र सिंह परिहार द्वारा किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का सफल संचालन करते हुए जल गंगा संवर्धन अभियान के उद्देश्यों को सरल एवं प्रेरक ढंग से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सत्यम मिश्रा, उपायुक्त नगर पालिक निगम, निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमुदाय ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने तथा भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। जनसंपर्क अधिकारी ननि धीरज मिश्रा के अनुसार डॉ. शेर सिंह मीना, आयुक्त नगर पालिक निगम के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम ने जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा “जल गंगा संवर्धन अभियान-2026” के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन विषयक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिवाकांत मिश्रा एवं उनकी टीम द्वारा जल एवं नदी संरक्षण पर आधारित गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। गीतों के माध्यम से जल के महत्व, नदियों के संरक्षण तथा प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व का प्रभावी संदेश दिया गया। प्रस्तुति को उपस्थित जनसमुदाय ने खूब सराहा।
तालाबों का जीर्णोद्धार संरक्षण जारी
अपने उद्बोधन में महापौर ने नगर पालिक निगम सतना द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि निगम क्षेत्र के 11 तालाबों के जीर्णोद्धार एवं संरक्षण कार्य निरंतर कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरित एवं स्वच्छ सतना के निर्माण के लिए 30 हजार पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही शहर के सभी 45 वार्डों में नालों एवं नालियों की नियमित सफाई कराई जा रही है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होने के साथ जल निकासी तंत्र भी सुदृढ़ हो रहा है।
वाटर हार्वेस्टिंग का लक्ष्य 78% पूरा
महापौर ने जानकारी दी कि माधवगढ़ के समीप सतना नदी पर स्थित कॉजवे को बंद कर लगभग एक मीटर तक जल भराव सुनिश्चित किया गया है, जिससे जल संग्रहण क्षमता बढ़ी है तथा भूजल स्तर को संबल मिला है। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा निर्धारित 800 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के लक्ष्य के विरुद्ध 623 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं, जो जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों, संस्थानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाने की अपील की

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