जबलपुर: शहर में चाकूबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाइयां की जा रहीं हैं। अगर पुलिस रिकार्ड में नजर दौड़ाई जाएं तो चाकूबाजी की घटनाओं में 17 प्रतिशत की गिरावट आई। पुलिस ने लगभग 423 चाकू जब्त किए हैं। पिछले वर्ष 1 जनवरी 2025 से 23 मई 2025 के बीच शहर में चाकूबाजी की 241 घटनाएं सामने आई थीं। इस वर्ष 1 जनवरी 2026 से 23 मई 2026 तक यह आंकड़ा घटकर 201 रह गया है। चाकूबाजी की वारदातें 17 प्रतिशत तक कम हुई हैं। पुलिस ने अवैध रूप से चाकू लेकर घूमने वाले आरोपियों पर भी शिकंजा कसा है। पिछले साल 2025 में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 418 चाकू जब्त किए थे। 2026 में इस साल अब तक पुलिस ने 423 चाकू बरामद किए हैं।
समीक्षा में खुलासा: अपनों, जेल से छूटे बदमाशों ने भी चलाएं चाकू एसपी सम्पत उपाध्याय द्वारा जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में दिनांक 1 जनवरी 2026 से 23 मई 2026 तक हुई चाकूबाजी की घटनाओं की थानावार विस्तृत समीक्षा की गई। इस समीक्षा के दौरान पताचला कि बड़ी संख्या में ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं, जहाँ किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि परिवार के ही सदस्यों, मित्रों और रिश्तेदारों ने मामूली विवाद में अपने ही करीबियों पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस विश्लेषण में यह भी साफ हुआ है कि जमानत पर जेल से रिहा होने वाले आरोपियों में दोबारा अपराध करने की प्रवृत्ति परिलक्षित हुई है। जेल से छूटते ही कई बदमाशों ने फिर से चाकूबाजी की वारदात को अंजाम दिया।
हॉटस्पॉट चिन्हित कर बनाई विशेष टीमें
पुलिस ने शहर के ऐसे संवेदनशील इलाकों और संदिग्ध व्यक्तियों को पूरी तरह चिन्हित कर लिया है, जहाँ पूर्व में चाकूबाजी या हिंसक गतिविधियां अधिक हुई थीं। इन चिन्हित अपराधियों पर पुलिस की विशेष टीमें चौबीसों घंटे लगातार निगरानी रख रही हैं। वारंटियों और आदतन बदमाशों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन कर लगातार दबिश दी जा रही है।
