भोपाल। इंदौर अब गंभीर जल संकट की ओर बढ़ रहा है। इस पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि शहर में बढ़ती पानी की समस्या केवल गर्मियों का मौसमी संकट नहीं, बल्कि वर्षों की प्रशासनिक विफलताओं और अव्यवस्थित शहरी विस्तार का परिणाम है।
इंदौरवासियों के नाम लिखे खुले पत्र में पटवारी ने कहा कि लगातार भाजपा को राजनीतिक समर्थन देने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान करने वाले इंदौर के नागरिक आज पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर होने को मजबूर हैं। कई इलाकों में लोगों को घंटों कतारों में खड़े होकर पानी जुटाना पड़ रहा है।
उन्होंने भागीरथपुरा में कथित रूप से दूषित पानी से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना सरकार की जल प्रबंधन को लेकर गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। पटवारी ने सवाल उठाया कि सत्ता में कई वरिष्ठ मंत्रियों और नेताओं का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद इंदौर जैसी महत्वपूर्ण नगरी बुनियादी आवश्यकता पानी के संकट से क्यों जूझ रही है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अनियंत्रित कंक्रीटीकरण, तालाबों का सिकुड़ना, भूजल स्तर में लगातार गिरावट और दीर्घकालिक जल नीति के अभाव ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक संरक्षण में टैंकर माफिया सक्रिय हैं और जनता की परेशानी से लाभ कमा रहे हैं।
पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि भूजल का दोहन इसी तरह जारी रहा तो आने वाले वर्षों में उद्योग, व्यापार, निवेश और शहर के विकास मॉडल पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “मेट्रो परियोजनाएं, फ्लाईओवर और ऊंची इमारतें किसी शहर को जीवित नहीं रखतीं, पानी रखता है।”
उन्होंने मानसून से पहले जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए वर्षा जल संचयन को अनिवार्य करने, पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन, भूजल निगरानी और अवैध जल दोहन पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
