जबलपुर: संस्कारधानी के ऐतिहासिक व 500 वर्ष प्राचीन श्री जगदीश मंदिर (गढ़ाफाटक) परिसर में असामाजिक तत्वों द्वारा मर्यादाएं तार-तार की जा रही हैं। मंदिर प्रांगण में बिना प्रबंध न्यासी की अनुमति के नियम विरुद्ध तरीके से कार, ऑटो, टेम्पो, ई-रिक्शा, छोटा हाथी, ट्रैक्टर और हाथ ठेला जैसे वाहन अवैध रूप से खड़े किए जा रहे हैं। इन वाहनों की आड़ में कतिपय लोगों द्वारा यहाँ शराबखोरी, जुआ, सट्टा और गांजा पीने का अड्डा बना दिया गया है।
हाल ही में इसी अराजकता के बीच मंदिर परिसर से भगवान हनुमान जी महाराज का चांदी का मुकुट भी संदिग्ध स्थिति में चोरी हो चुका है। इसी परिसर के भीतर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर भी संचालित है, जहाँ 3 वर्ष से लेकर 22 वर्ष तक के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं, जिससे अब यहाँ पढ़ने वाले नौनिहालों और महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
इस गंभीर स्थिति को लेकर श्री जगदीश मंदिर श्री गणेश मंदिर लोकन्यास के प्रबंध न्यासी व वरिष्ठ अधिवक्ता लाल ज्ञानेंद्र सिंह बघेल द्वारा थाना प्रभारी लार्डगंज और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन आज दिनांक तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। पुलिस की इस निष्क्रियता को देखते हुए प्रबंध न्यासी द्वारा एक सख्त आदेश जारी किया गया है।
इसके तहत सभी वाहन स्वामियों को अपने वाहन घरों में ही रखने की हिदायत दी गई है ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई वाहन स्वामी न्यास प्रांगण में गाड़ी रखना चाहता है, तो उसे प्रबंध न्यासी से लिखित अनुमति लेकर वैधानिक शुल्क जमा करना होगा और रसीद प्राप्त करनी होगी। बिना शुल्क और अनुमति के वाहन खड़े पाए जाने पर न्यास द्वारा वाहन स्वामी के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और वाहनों को बलपूर्वक मंदिर प्रांगण से बाहर कराया जाएगा।
