
जबलपुर। दीनदयाल बस स्टैंड से पाटन मार्ग पर यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बिना नंबर प्लेट, वैध परमिट और इंश्योरेंस के धड़ल्ले से संचालित हो रही जेके एंड जीटी रोडवेज की बस को परिवहन विभाग ने रंगे हाथों पकड़कर जब्त कर लिया। जिला परिवहन अधिकारी रिंकु शर्मा द्वारा कार्यालय जाते समय संदिग्ध दिखने पर कराई गई इस जांच में बस संचालक सचिन तिवारी मौके पर कोई भी जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसी अभियान के दौरान विभाग ने दीपक ट्रेवल्स की 15 साल पुरानी बस क्रमांक एमपी 16 पी 0172 को भी जब्त किया, जिसका परमिट पहले ही निरस्त हो चुका था।
जांच के दौरान जेके एंड जीटी रोडवेज की इस बस में सुरक्षा से जुड़े नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आई। यह वाहन बिना फिटनेस सर्टिफिकेट, बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र, बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट, बिना वीएलडीटी पैनिक बटन और बिना आपातकालीन द्वार के ही यात्रियों को लेकर सड़क पर दौड़ रहा था। बस संचालक ने कागजात होने का दावा जरूर किया, लेकिन मौके पर वे पूरी तरह से नदारद मिले, जिसके बाद टीम ने बस को आरटीओ कार्यालय में खड़ा करवा दिया।
परमिट निरस्त होने के बाद भी पुरानी बस का हो रहा था संचालन
इसी कार्रवाई के अंतर्गत परिवहन अमले ने एक और बड़ी लापरवाही को उजागर किया। दीपक ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी 16 पी 0172 जो कि 15 वर्ष की समय सीमा को पार कर चुकी थी, वह भी मार्ग पर दौड़ती हुई पाई गई। इस वाहन का परमिट विभाग द्वारा पूर्व में ही निरस्त किया जा चुका था। परिवहन विभाग ने साफ किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे वाहन संचालकों के खिलाफ आने वाले दिनों में भी सख्त चेकिंग अभियान जारी रहेगा।
