नयी दिल्ली, 21 मई (वार्ता) वैश्विक संस्थानों के पाठ्यक्रमों और भविष्योन्मुखी करियर केंद्रित शिक्षा की तरफ देश में बढ़ते आकर्षण के बीच कैम्ब्रिज इंटरनेशनल एजुकेशन की मार्च 2026 परीक्षा श्रृंखला में 91,000 से अधिक परीक्षा प्रविष्टियाँ दर्ज की गईं हैं जो पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत अधिक हैं। संस्थान की ओर से गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार कैम्ब्रिज की देश में हर वर्ष आयोजित की जाने वाली तीन परीक्षा श्रृंखलाओं में सबसे बड़ी मार्च श्रृंखला में प्रविष्टियां लगातार बढ रही हैं जो दर्शाती हैं कि भारतीय स्कूल और परिवार कैम्ब्रिज पाठ्यक्रम द्वारा प्रदान किए जाने वाले लचीले शैक्षणिक मार्गों को तेजी से अपना रहे हैं। कैम्ब्रिज फिलहाल एक मात्र अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन संस्था है जो विद्यार्थियों की सुविधा के अनुसार भारतीय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप मार्च परीक्षा श्रृंखला आयोजित करती है।
विज्ञप्ति के अनुसार इस बार मार्च की परीक्षा श्रृंखला में कुल मिलाकर, भारत के 447 स्कूलों के 23,000 से अधिक छात्रों ने मार्च श्रृंखला की परीक्षाओं में भाग लिया। इसमें सीनियर सेकंडरी स्तर पर ‘एएस’ और ‘ए’ लेवल ( एडवांस सब्सिडियरी तथा एडवांस लेवल ) की परीक्षा के लिए प्रविष्टियों में वर्ष-दर-वर्ष 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई। कैम्बिज इंटरनेशनल एजुकेशन इन परीक्षाओं में भारत और विश्व के शीर्ष विश्वविद्यालयों द्वारा मान्यता प्राप्त है और छात्रों के अनुरूप मूल्यांकन के विभिन्न विकल्प प्रदान करती है। इस वर्ष कैम्ब्रिज एए लेवल की प्रविष्टियों में 16 प्रतिशत और ए लेवल की प्रविष्टियों में आठ प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
इन परीक्षाओं में गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान सबसे लोकप्रिय विषय रहे। विज्ञप्ति के अनुसार संस्था की 14-16 वर्ष के विद्यार्थियों के लिए कैम्ब्रिज आईजीसीएसई स्तर पर परीक्षा प्रविष्टियों में छह प्रतिशत वृद्धि हुई, जो माध्यमिक स्तर पर कैम्ब्रिज पाठ्यक्रम अपनाने वाले स्कूलों की बढ़ती संख्या को दर्शाती है। यहाँ भी गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान सबसे लोकप्रिय विषय रहे, जो एएस और ए स्तर की प्रविष्टियों में वृद्धि के लिए मजबूत शैक्षणिक आधार तैयार करते हैं। दक्षिण एशिया में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के लिए कैम्ब्रिज के क्षेत्रीय निदेशक विनय शर्मा ने कहा, ‘ एएस और ए स्तर की प्रविष्टियों में हुई वृद्धि इस बात का सबसे मजबूत संकेत है कि छात्र और अभिभावक कैम्ब्रिज की राह को महत्वाकांक्षा के मार्ग के रूप में देख रहे हैं। इसे संभव बनाने वाली सबसे बड़ी बात पाठ्यक्रम का लचीलापन है, जहाँ छात्रों को अपनी शैक्षणिक प्रोफ़ाइल स्वयं तैयार करने और उसे भारत तथा दुनिया भर के विश्वविद्यालयों में मान्यता दिलाने की स्वतंत्रता मिलती है।”

