
पेटलावद। झाबुआ जिले के पेटलावद थाना क्षेत्र अंतर्गत कोदली गांव में 5 मई को 6 वर्षीय मासूम बालक की फावड़े से की गई निर्मम हत्या का पुलिस ने बुधवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना क्या थी?
5 मई की दोपहर को जब बालक उत्कर्ष पिता शैलेंद्र नायक, उम्र 6 वर्ष अपनी दादी रमीलाबाई उम्र 53 वर्ष के साथ घर पर अकेला था, तभी आरोपी घर में घुसे और फावड़े से दोनों पर हमला कर दिया। मासूम उत्कर्ष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दादी रमीलाबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए वडोदरा रेफर किया गया।
परिवार के अन्य सदस्य उस समय शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गए हुए थे। बालक अपनी गर्मी की छुट्टियां दादा-दादी के यहां बिता रहा था।
आरोपी कौन?
पुलिस ने खुलासा किया कि हत्या करने वाला मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ जितु उम्र 24 वर्ष, निवासी छायन, थाना राणापुर, हाल सिद्धेश्वर कॉलोनी झाबुआ मृतक बालक का सगा रिश्तेदार निकला है। वह घायल दादी रमीलाबाई का भांजा (बहन का बेटा) है। उसके साथी चिराग नायक उम्र 23 वर्ष, निवासी कोदली को भी गिरफ्तार किया गया है।
लूट का था मकसद
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे महंगे शौक और ऐशो-आराम की पूर्ति के लिए पैसे की तंगी में थे। इसी वजह से उन्होंने मौसी रमीलाबाई के घर लूट की साजिश रची थी। आरोपी जितेंद्र को घर की जानकारी थी, इसलिए वह चिराग के साथ पहुंचा। हमले के बाद उन्होंने दादी के कानों से सोने के टॉप्स, अंगूठी और चेन लूट ली।
घटना के बाद जितेंद्र गांव में ही रहा, परिवार के साथ सहानुभूति जताता रहा और अंतिम संस्कार की तैयारी में भी शामिल था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने भारतीय नागरिक संहिता की धाराओं (103(1), 109(1) आदि) के तहत मामला दर्ज किया। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और जांच के आधार पर जितेंद्र को भोपाल से और चिराग को स्थानीय स्तर पर गिरफ्तार किया गया।
एसपी देवेंद्र पाटीदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुलिस की सूझबूझ और तेज कार्रवाई से एक सप्ताह के अंदर मामले का खुलासा हो सका है। यह घटना पूरे इलाके में सनसनी और आक्रोश का विषय बनी हुई है। रिश्तेदार द्वारा ही इतनी निर्मम घटना को अंजाम देना स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख गया है।
