नयी दिल्ली 31 जनवरी (वार्ता) भारत ने ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में हिन्दू राष्ट्रवाद को उग्रवादी विचारधारा बताये जाने पर रोष जताते हुए आज कहा कि ब्रिटेन में अलगाववादी एवं उग्रवादी खतरे को दुनिया अच्छे से जानती है और इसे नज़रअंदाज़ या गलत तरीके से तुलना नहीं करना चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां नियमित ब्रीफिंग में ब्रिटिश गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा, “हमने इस मामले पर कुछ रिपोर्ट देखी हैं। ब्रिटेन से अलगाववादी और चरमपंथी खतरे की प्रकृति सर्वविदित है। इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए या गलत तरीके से इसकी तुलना नहीं की जानी चाहिए।”
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में गठित ब्रिटिश गृह मंत्रालय के आयोग की हाल ही में लीक हुई एक रिपोर्ट में ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नौ उभरते खतरों में ‘हिंदू राष्ट्रवादी उग्रवाद’ और ‘खालिस्तानी उग्रवाद’ को चिह्नित किया गया है।
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अवैध प्रवास पर नीति को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा, “जैसा कि मैंने पिछले सप्ताह कहा था, भारत अवैध प्रवास का दृढ़ता से विरोध करता है, खासकर इसलिए क्योंकि यह संगठित अपराध के अन्य रूपों से भी जुड़ा हुआ है। प्रवास और आवाजाही पर भारत-अमेरिका सहयोग के हिस्से के रूप में, दोनों पक्ष अवैध प्रवास को रोकने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं, साथ ही भारत से अमेरिका में कानूनी प्रवास के लिए और अधिक रास्ते भी बना रहे हैं। हम इस सहयोग को जारी रखने के इच्छुक हैं। साथ ही, भारत सरकार को संबंधित व्यक्तियों को भारत वापस भेजने से पहले उनकी राष्ट्रीयता सहित आवश्यक सत्यापन करने की आवश्यकता होगी। इस स्तर पर संख्याओं के बारे में कोई भी बात करना समय से पहले है। लेकिन मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि इस क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग मजबूत और प्रभावी है। यह आने वाले समय में और स्पष्ट होगा।”
