विश्व पर्यावरण दिवस पखवाड़ा रेलवे के दावे और स्टेशनों की हकीकत पर उठे सवाल

इंदौर: पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पखवाड़ा अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर विभिन्न स्टेशनों पर जागरूकता कार्यक्रम एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन रेलवे स्टेशनों की वास्तविक स्थिति इन अभियानों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है.रतलाम मंडल के अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार 15 मई से 5 जून तक चल रहे इस अभियान के अंतर्गत नागदा स्टेशन पर यात्रियों और रेल कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने, अधिक पौधारोपण करने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के प्रति जागरूक किया गया.

साथ ही गीले, सूखे और प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में डालने के महत्व की जानकारी भी दी गई. वहीं, इंदौर रेलवे स्टेशन पर कर्मचारियों के लिए जलवायु परिवर्तन, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विकास विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं तथा यात्रियों को ‘पुनः उपयोग होने वाली पानी की बोतल साथ रखें’ का संदेश दिया गया. हालांकि रेलवे के इन जागरूकता अभियानों के बीच कई स्टेशनों पर अब भी प्लास्टिक कचरा, ट्रैक किनारे गंदगी और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था देखने को मिल रही है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे अभियान जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं.

गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी
रेलवे प्रशासन का कहना है कि विश्व पर्यावरण दिवस पखवाड़ा के दौरान आगामी दिनों में भी स्वच्छता अभियान, पौधारोपण और जागरूकता गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को और अधिक बढ़ावा दिया जा सके.

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