
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश के किसान आज भी अपनी फसलें घोषित समर्थन मूल्य से कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।
केंद्र सरकार को लिखे खुले पत्र में पटवारी ने खरीफ फसलों के लिए घोषित नई एमएसपी सूची पर सवाल उठाते हुए कहा कि बढ़े हुए समर्थन मूल्य केवल “कागजों तक सीमित” हैं, जबकि मंडियों और खरीदी केंद्रों पर किसानों को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारी खुलेआम एमएसपी से कम कीमत पर फसल खरीद रहे हैं और प्रशासन किसानों के शोषण पर “मूकदर्शक” बना हुआ है। पटवारी ने सरकार को चुनौती देते हुए पूछा कि वह मध्य प्रदेश की किसी एक ऐसी फसल का नाम बताए जिसकी खरीदी वास्तव में घोषित एमएसपी पर हो रही हो।
कांग्रेस नेता ने मंडियों और खरीदी केंद्रों का संयुक्त सर्वे कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह स्वयं गांवों और मंडियों का दौरा कर किसानों की स्थिति का आकलन करेंगे।
पटवारी ने सुझाव दिया कि मध्य प्रदेश में एमएसपी को कानूनी अधिकार बनाया जाए, एमएसपी से कम कीमत पर खरीदी को दंडनीय अपराध घोषित किया जाए, मंडियों में कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए तथा रियल टाइम मूल्य निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए।
केंद्रीय कृषि मंत्री के गृह राज्य होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि एमएसपी को कानूनी संरक्षण दिया जाए तो मध्य प्रदेश देश के लिए “नए कृषि मॉडल” के रूप में उभर सकता है।
