
बीना।ग्राम पंचायत गिरोल और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता देखी जा रही थी। जहरीले धुएं और रासायनिक उत्सर्जन से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। सरपंच संघ की ओर से इस समस्या को गंभीरता से उठाते हुए संबंधित अधिकारियों एवं राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को शिकायत पत्र सौंपा गया। इसमें बताया गया कि क्षेत्र में संचालित उद्योगों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं व रसायन वातावरण को लगातार प्रदूषित कर रहे हैं।साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही से ध्वनि और वायु प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ रही है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण के कारण श्वसन, त्वचा और अन्य बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं।वायु प्रदूषण संबंधी शिकायत पर जांच एवं निरीक्षण हेतु क्षेत्रीय कार्यालय मध्य प्रदेश से शुभांशु त्रिपाठी कार्यपालन इंजीनियर एवं बाबूलाल विश्वकर्मा सैंपलर द्वारा निरीक्षण एवं वायु जल के नमूने मौके से लिए गए तथा ग्राम वासियों के साथ सरपंच हरगोविंद कुर्मी एवं कीरत सेन आदि उपस्थित रहे ग्राम वासियों का कहना था कि श्वास में तकलीफ बदबू आदि एवं त्वचा में जलन खुजली होना बताया गया ग्राम से निकलने वाले वाहनों से भी सांस लेने में तकलीफ होना आम बात हो गई है अब देखना यह है जांच उपरांत अब क्या किया जाता है।जांच के दौरान वीरेंद्र रामेश्वर बृजभान विश्वकर्मा नारायण करण सिंह निलेश बालमुकुंद परमानंद रामबाबू एवं अनेक ग्रामवासी मौजूद रहे।
