दलित युवक के साथ बेरहमी से मारपीट, थाने में सुनवाई न होने पर एसपी की शरण में पहुंचा पीड़ित

छतरपुर। जिले के लवकुशनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भैरा में एक युवक के साथ मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस द्वारा मामले में कोई ठोस कदम न उठाए जाने से आहत होकर पीड़ित शनिवार को अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचा और न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

बिना वजह गाली-गलौज और डंडों से हमला

पीड़ित मुकेश अनुरागी ने एसपी को सौंपे शिकायती पत्र में बताया कि शनिवार रात करीब 8:00 बजे वह गांव के बाहर पुलिया पर बैठा हुआ था। इसी दौरान गांव का ही निवासी रामसनेही यादव वहां आया और बिना किसी कारण के उसके साथ गाली-गलौज करने लगा। पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने जातिसूचक शब्दों (अपशब्दों) का इस्तेमाल करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी और डंडों से पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

गवाहों के सामने हुई वारदात, जान बचाकर भागा पीड़ित

मुकेश के अनुसार, आरोपी के चंगुल से वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा। घटना के समय वहां मौजूद सुदामा कुशवाहा और सोनू अनुरागी ने बीच-बचाव किया, जिन्हें इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी गवाह बनाया गया है।

लवकुशनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

पीड़ित पक्ष ने स्थानीय लवकुशनगर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वारदात के बाद वे शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। लेकिन पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उन्हें पूरे दिन थाने में बिठाए रखा और कोई सुनवाई नहीं की। पुलिस की इस बेरुखी से तंग आकर परिजनों को जिला मुख्यालय आकर एसपी से गुहार लगानी पड़ी।

एसपी कार्यालय द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच और उचित कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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