जबलपुर: दिग्विजय ने सभा में कहा कि जबलपुर का इतिहास आजादी की लड़ाई में बहुत ज्यादा है। कैसे भूल सकते हैं शंकरशाह और रघुनाथ शाह को तोप से उड़ा दिया गया था। दूसरे वर्ग और विचारधारा जिसका किसी भी आजादी की लड़ाई में ना योगदान नहीं रहा, जबकि अंग्रेजी हुकूमत का सहयोग करते रहे। ऐसे भी लोग हैं जो कहते हैं कि भारत की सेना नरेंद्र मोदी के चरणों में नतमस्तक हैं। ऐसे लोगों का हम विरोध करते हैं। अनेकता में एकता ही इस देश की ताकत हैं। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई हम सब एक हैं, एक रहेंगे तो हम सुरक्षित रहेंगे। हिंसा में जिनकी शहादत हो जाती हैं, जिसके कफ़न पर जो राजनीति करते हैं, वो देश भक्त नहीं हो सकते हैं।
सेना को छूट देते तो पीओके हिंदुस्तान का हिस्सा होता : सिंघार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि निश्चित तौर पर युद्ध विराम हुआ तो जनता को यह बात समझ नहीं आई कि युद्ध विराम क्यों हुआ, क्या मोदी जी और पाकिस्तान की कानाफूसी थी, क्या अमेरिका के दबाव में यह युद्ध विराम हुआ। जनता के विश्वास से कैबिनेट तय करती है। ना जनता को विश्वास में लिया, ना सेना की भावना समझी। मोदी जी की ब्रांडिंग करते रहे और सिंदूर यात्रा चल रही है। अगर सेना को छूट देते तो पाक का वो हिस्सा हिंदुस्तान का हिस्सा होता। क्या मोदी जी या भाजपा उनके पास गए, जिनका सिंदूर उजड़ा, क्या भाजपा उन सैनिक के घर गए, जो शहीद हो गए।
सेना के सम्मान में जयहिंद सभा : जीतू पटवारी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सेना ने जो शहादत दी है उसके सम्मान में कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश में जयहिंद सभा की है। कांग्रेस पार्टी और पूरा देश सेना और नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा था। लेकिन हुआ क्या..आपने भाषण दिया बिहार में की हम उनको ऐसा जवाब देंगे, लेकिन आपके मंत्री ने बयान दिया कि हमने पाकिस्तान की सेना को पहले ही बता दिया था। आपने ट्रंप के आगे घुटने क्यों टेके, जनता सवाल ना पूछे तो क्या करे। देश को गुमराह करते हो, जिसने सेना का अपमान किया उसको साथ बैठाते हो, जिसने हमले की जानकारी पाकिस्तान सेना को दी उसको गले लगाते हो, जनता आपसे सवाल ना पूछे तो क्या करे। राहुल गांधी ने बता दिया कि देश चलेगा तो संविधान से चलेगा, उन्होंने जातिगत जनगणना की बात करी और वह आपको करवानी पड़ी। हम भारत माता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर देंगे लेकिन नरेंद्र मोदी से सवाल करेंगे।
किस शर्त पर सीजफायर किया : भूपेश
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पहलगाम में दो हजार से ज्यादा पर्यटक थे लेकिन सुरक्षा को लेकर एक भी जवान नहीं था। वहां हमारे लोगों को नाम और धर्म पूछकर मारा। यह पूछने की बात है। हमने सरकार से कहा जो भी निर्णय लेंगे उसमें हम साथ हैं। दो बार सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी और खड़गे गए लेकिन नरेंद्र मोदी नहीं आए। दौरा रद्द करके आए लेकिन गए बिहार सभा करने। मोदी से पूछना चाहता हूं पहलगाम में घटना हुई अपने सेना क्यों नहीं उतारी, वहां के पुलिस बल ने घेरा क्यों नहीं किया। मनमोहन सिंह ने एनएसजी उतारी थी, लेकिन मोदी ने अमित शाह को उतारा। सवाल आपसे है कि किस शर्त पर सीजफायर किया। सेना ने अपना हर बार सर्वोच्च प्रदर्शन किया।
