
जबलपुर। शुक्रवार 15 मई को चार वर्षो से चल रहे धार भोजशाला केस में म.प्र. उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ ने फैसला सुनाते हुए परिसर को मां सरस्वती मंदिर माना कोर्ट ने तथ्यों को देखकर एएसआई के नमाज अदा करने वाले आदेश को खारिज कीय ,माना की परमार वंश के राजा भोज के समय संस्कृत शिक्षा का केंद्र था और यह देवी सरस्वती का मंदिर था इसलिए यहां हिन्दू रोज पूजा कर सकता है। हिन्दू सेवा परिषद् ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए हर्ष उल्लास के साथ मालवीय चौक पर मिष्ठान वितरण कीया। इस फैसला ने स्पष्ट कर दिया कि अब हिन्दू सप्ताह में सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि रोजाना पूजा कर सकता है यह हिन्दुत्व की जीत है। इस मिष्ठान वितरण में गौरव साहू, अभिषेक अहिरवार, जितेंद्र चिमनानी, अंकित विश्वकर्मा, यश अहिरवार एवं अन्य शामिल हुए।
