जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल की एकलपीठ ने ओंकारेश्वर बांध प्रभावितों को मुआवजा मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा को अवमानना नोटिस जारी किया है। साथ ही लिखित जवाब पेश करने निर्देश दिया है कि पूर्व आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।यह अवमानना का मामला नर्मदा बचाओं आंदोलन की ओर से दायर किया गया है। जिसमें न्यायालय के पूर्व आदेश का पालन सुनिश्चित न किए जाने के रवैये को चुनौती दी गई है।
अवमानना याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि ओंकारेश्वर बांध की वजह से विस्थापित कृषक परिवारों को अब तक उनका समुचित अधिकार नहीं मिला है।दरअसल, सात जून 2023 को मप्र शासन ने ओंकारेश्वर बांध से प्रभावित किसानों व उनके परिवारों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज घोषित किया था। इसके अंतर्गत जिन किसानों के पास भूमि नहीं है, उन्हें व उनके बच्चों को ढ़ाई लाख रुपये मुआवजा देने की व्यवस्था दी गई थी।
लेकिन इसका अब तक पालन नदारद है। जिसके बाद आंदोलन भी हुए, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। जिससे तंग आकर अवमानना याचिका दायर की गई है। 29 जुलाई 2024 को हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि मुख्य सचिव व नर्मदा घाटी प्राधिकरण आठ सप्ताह में मुआवजे को लेकर निर्णय लें। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मामले में आगे हुई सुनवाई पर न्यायालय ने एसीएस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
