
रीवा। रीवा स्थित अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय एक बार फिर अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है. हाल ही में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ‘जल संरक्षण ‘, ‘जल लाइब्रेरी’ निर्माण एवं गांव गोद लेकर पर्यावरण और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने जैसी घोषणाएं की गई थीं, लेकिन अब विश्वविद्यालय परिसर से सामने आई एक घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में स्थित पेयजल टंकी में छिपकली पाए जाने की सूचना मिलने पर छात्र नेता अमन सिंह बघेल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान टंकी के भीतर छिपकली दिखाई देने पर वहां मौजूद छात्र-छात्राओं में नाराज़गी देखने को मिली.
बताया जा रहा है कि अमन सिंह बघेल के साथ मौजूद उनके एक साथी छात्र की अचानक तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद वहां की पेयजल व्यवस्था को गंभीरता से देखा गया. जांच करने पर पानी की टंकी के भीतर छिपकली दिखाई दी. इतना ही नहीं, निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि पानी की टंकी अत्यंत जर्जर एवं अस्वच्छ स्थिति में थी तथा उसमें लंबे समय से सफाई न होने के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे थे. टंकी के भीतर गंदगी और बदहाल रखरखाव को देखकर छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे. गौरतलब है कि प्रशासनिक भवन वह स्थान है जहां प्रतिदिन सैकड़ों छात्र अपने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं और वहीं उपलब्ध पेयजल का उपयोग करते हैं. भीषण गर्मी के इस समय में ऐसी लापरवाही छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न करती है. सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि उक्त छिपकली कब से टंकी में थी और तब तक कितने छात्र वह पानी पी चुके होंगे. छात्रों ने जिम्मेदारो के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है.
