नीमच-महू रोड पर ​धूल के गुबार और जानलेवा गड्ढे कौन है जिम्मेदार?

नीमच। नीमच के जावद फंटे से भाटखेड़ा फंटे तक 16 किमी का सीसी रोड निर्माण कार्य अब लोगों के लिए खतरे की फोरलेन साबित हो रही है। जगह जगह चल रहे सीसी रोड निर्माण के चलते कही जगह मार्ग बदहाल स्थिति में है जिसके चलते जागरुक लोग कड़ा एतराज जता रहे है। प्रशासनिक लापरवाही और निर्माण कंपनी की गैर-जिम्मेदारी के कारण यह सडक़ अब सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है।फोरलेन सीसी रोड के दोनों साइड कई जगह पर गड्ढे और जगह-जगह धंसान की स्थिति है, जिससे सूखे मौसम में फिसल रहे है और वाहन चालक चोटिल हो रहे है। गाडिय़ां क्षतिग्रस्त हो रही हैं और लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। हालात गंभीर होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। न तो निर्माण कंपनी को यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए जा रहे हैं और न ही आम जनता की सुरक्षा को लेकर कोई प्रभावी कदम उठाया जा रहा है। इससे रोजाना सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। निर्माण के दौरान गहरे गड्ढे छोडऩा, डायवर्जन के संकेतक न लगाना जैसे भारी लापरवाही सामने आ रही है। इन कारणों से हो रही दुर्घटनाओं और धूल से राहगीरों व व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

फोरलेन सडक़ निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही, हो रही सडक़ दुर्घटनाएं

सडक़ निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परियोजना के तहत बन रहे फोर लेन सडक़ निर्माण कार्य कर लापरवाही बरते जाने के कारण आये दिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। कभी गाड़ी गड्ढे में गिर रही है, तो कइयों का वाहन चकनाचूर हो रहा है। अबतक कई लोग घायल हो चुके हैं। दरअसल निर्माण कंपनी द्वारा निर्माण कार्य के दौरान कहीं गड्ढ़े कर दिए हैं तो कहीं बनाए गए डायवर्सन पर सुरक्षा संकेत ही नहीं दिया है। जिस कारण अक्सर दुर्घटना होती रहती है।इसको लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। निर्माणाधीन हाईवे पर उड़ रही धूल से एक तरफ जंहा राहगीर परेशान है तो वंही हाईवे किनारे रह रहे लोगों का जीना भी मुहाल हो गया है। 16 किमी सडक़ निर्माण कार्य प्रगति पर है तो वही निर्माण कार्य के दौरान उड़ती धूल के कारण राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे पर चल रहे निर्माण कार्य से पूरे रोड पर इन दिनों धूल उड़ रही है। उड़ती धूल से दो पहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चालकों की आंखों में धूल आने से हादसे होने की संभावना बढ़ रही है। राहगीरों को सांस लेने और सांस की नली में घूल जाने से बीमारी का सामना भी करना पड़ राह है। लेकिन इसके बावजूद भी हाईवे निर्माण करने वाली कंपनी की लापरवाही साफ तौर से दिखाई दे रही है। हाईवे पर पानी का छिडक़ाव ना होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही हाईवे के किनारे रहने वाले लोग और दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानलेवा गहरे गड्डे ने युवक की जान30 दिन बाद हार गया जिंदगी की जंग-

– झांझरवाडा निवासी मंगलसिंह कुशवाह का 31 वर्षीय का उपचार के दौरान निधन हो गया। 3 माह पहले अपने दो दोस्तों को नीमच छोडने आ रहे थे लेकिन महू रोड स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के नजदीक गहरे गड्ढे में उनकी बाईक जा गिरी जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई थी जिनका लगातार उपचार चल रहा था और तीन महीने तक मौत से लड़ता रहा युवक आखिरकार अपनी जिंदगी की जंग हार गया और गुरुवार को निधन हो गया। इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है और प्रशासन से निर्माणाधीन मार्ग की दशा सुधारने की मांग की है।इस मामले को लेकर पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है।

निर्माण फोरलेन निर्माण में आमजन की सुरक्षा के लिए यह उपाय बेहद जरुरी-

फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान आमजन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपाय करना बेहद जरुरी है । जिसमें साइट की घेराबंदी और सुरक्षा संकेत, मजबूत बैरिकेडिंग: कार्यस्थल के चारों ओर बैरिकेड्स (रेलिंग, लोहे की चादरें या कंक्रीट ब्लॉक) लगाकर मुख्य मार्ग को निर्माण क्षेत्र से अलग करना बेहद जरुरी है।

– निर्माण स्थल से पहले ही चेतावनी बोर्ड लगाएं (जैसे- ‘आगे सडक़ निर्माण कार्य’, धीमी गति’, ‘रास्ता बदलें’) के लगाए जाने बेहद जरुरी है।

– रात के समय में रिफ्लेक्टर, चेतावनी लाइटें, और रिफ्लेक्टिव टेप का उपयोग किया जाना आवश्यक है जिससे वाहन चालकों को रास्ता साफ दिखे।

– यातायात प्रबंधन के तहत साइट पर प्रशिक्षित ट्रै$िफक जवान की तैनाती के साथ वाहनों को सुचारू रूप से निकालने के इंतजाम होना चाहिए। विशेषकर मोड़ों पर।

– यदि सडक़ बंद है, तो स्पष्ट और सुरक्षित डायवर्जन मार्ग का संकेत देना। साथ ही निर्माण क्षेत्र के पास वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर और साइनबोर्ड लगाए जाना जरुरी है।आपातकालीन इंतजाम- किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस और नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने की व्यवस्था।

इनका कहना-

निर्माण कार्य के दौरान आमजन की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मार्ग पर धूल नहीं उडे इसके लिए भी पानी के टेंकर चलावा कर मार्ग पर छिडकाव करवा रहे है।

ओमप्रकाश पालीवाल, कांटेक्टर, नीमच।

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