
बैतूल। बैतूल जिले में एक विधवा महिला ने नायब तहसीलदार पर बिना नोटिस दिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने उसके मकान को जेसीबी से तुड़वाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर न्याय की मांग की है।
भगत सिंह वार्ड निवासी उषा बाई मोरे ने आरोप लगाया कि वह नगर पालिका बैतूल में सफाई कर्मचारी हैं और वर्ष 2018 में भूमिहीन परिवारों को दिए गए 30 वर्षीय पट्टे के तहत उन्हें 260 वर्गफीट भूमि आवंटित की गई थी। इसी भूमि पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ऋण लेकर मकान बनाया था।
महिला के अनुसार नायब तहसीलदार पूनम साहू ने बिना किसी पूर्व सूचना अथवा नोटिस के उस समय मकान पर बुलडोजर चलवा दिया, जब घर बंद था और उसमें ताला लगा हुआ था। उन्होंने दावा किया कि मकान के साथ घरेलू सामान भी नष्ट हो गया, जिससे लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
उषा बाई मोरे ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, रहने की तत्काल व्यवस्था और नया मकान उपलब्ध कराने की मांग की है।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित मकान को बिना नोटिस तोड़ा गया है तो मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ित महिला के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का भी आश्वासन दिया। समाजसेवी ऋषि दीक्षित ने कार्रवाई को गलत बताते हुए कहा प्रशासनिक मनमानी के कारण एक गरीब विधवा महिला बेघर हो गई है।
