नयी दिल्ली, 14 मई (वार्ता) एक भयावह घटना ने राष्ट्रीय राजधानी को एक बार फिर झकझोर दिया है। सोमवार देर रात दिल्ली के रानी बाग इलाके में एक चलती स्लीपर बस के अंदर 30 वर्षीय महिला का अपहरण कर सामूहिक बलात्कार किया गया। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई बस को जब्त कर लिया है और पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पीतमपुरा की एक झुग्गी बस्ती निवासी पीड़िता और मंगोलपुरी की एक फैक्ट्री में काम करती है। रात की शिफ्ट खत्म करने के बाद वह घर जा रही थी जब वह सरस्वती विहार के बी-ब्लॉक बस स्टैंड पर पहुंची। वहां एक स्लीपर बस खड़ी थी। जब उसने बस के दरवाजे पर खड़े एक युवक से समय पूछा, तो आरोपियों ने जवाब देने के बजाय उसे जबरदस्ती बस के अंदर खींच लिया।
पीड़िता के अनुसार, जैसे ही उसे बस में घसीटा गया, आरोपियों ने दरवाजा बंद कर दिया और चालक को बस चलाने का निर्देश दिया। चलती बस के अंदर, दो लोगों ने उसके साथ बार-बार बलात्कार किया। यह त्रासद घटना लगभग 7 किलोमीटर तक नांगलोई मेट्रो स्टेशन तक जारी रही। लगभग दो घंटे तक यौन उत्पीड़न करने के बाद, आरोपियों ने उसे खून से लथपथ हालत में रात करीब 2 बजे सड़क पर फेंक दिया और फरार हो गए।
हमले के तुरंत बाद पीड़िता ने पुलिस को फोन किया। पहली कॉल नांगलोई पुलिस स्टेशन को गई, लेकिन चूंकि अपराध स्थल रानी बाग पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता था, इसलिए मामला स्थानांतरित कर दिया गया। एक महिला सब-इंस्पेक्टर पीड़िता को बाबासाहेब अंबेडकर अस्पताल ले गईं, जहां चिकित्सा जांच में सामूहिक बलात्कार की पुष्टि हुई।
डॉक्टरों ने पीड़िता की गंभीर हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन उसने इनकार कर दिया। उसने बताया कि उसके पति को टीबी है और वे घर पर ही रहते हैं। दंपति की तीन बेटियां हैं, जिनकी उम्र 8, 6 और 4 साल है। अस्पताल में भर्ती होने पर बच्चों का पेट कौन भरेगा, इस चिंता में उसने गंभीर चोटों के बावजूद घर पर ही इलाज कराने का विकल्प चुना।
पुलिस ने बिहार रजिस्ट्रेशन नंबर वाली बस को जब्त कर लिया है। बस मालिक से संपर्क कर लिया गया है और चालक के साथ-साथ दो मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है। बस के रूट और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की भी समीक्षा की जा रही है।
पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि बस के अंदर पर्दे लगे हुए थे, जिससे बाहर से कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। बस के अंदर से सबूत इकट्ठा करने के लिए एक फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। बस को जब्त कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
